

उत्तर प्रदेश: राज्य सरकारों की ओर से अलग-अलग नाम से प्रदेश की बेटियों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने और उन्हें पैरों पर खडा करने की पूरी जिम्मेदारी संभाले हुए हैं। ऐसी ही योजना देश के सबसे बडे प्रदेशों में से एक उत्तर प्रदेश सरकार ने भी योजना चलाई हुई है।
उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार की ओर से बेटियों के लिए जिस योजना की शुरुआत की गई हैं, उसका नाम हैं कन्या सुमंगला योजना (Kanya Sumangala Yojana)। यह योजना बेटी के जन्म से लेकर ग्रेजुएट होने तक कुल 15 हजार रुपए तक की मदद करती है। साथ ही नौकरी दिलाने में भी काफी मदद करती है। ताकि प्रदेश की बेटियां अपने पैरों पर खडी हो सके। साथ समाज और प्रदेश की इकोनॉमी को चलाने में मदद कर सकें।
कन्या सुमंगला योजना क्या है
इस योजना के तहत प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की बेटियों को मदद की जाती है। योजना में बेटियों की शिक्षा और उनके फ्यूचर को सिक्योर करने के लिए हर संभव मदद करती है। इस योजना के तहत बेटियों की एजुकेशन ओर हेल्थ दोनों का ख्याल रखा जाता है। आंकडों के अनुसार योगी सरकार ने 2019-20 में कन्या सुमंगला योजना के लिए 1200 करोड़ रुपए का बजट जारी किया था। यह योजना बेटियों की शिक्षा पर जोर देती है। इस योजना के लाभार्थियों के अकाउंट में रुपया डायरेक्ट बैंक ट्रांसफर होता है।
किन लोगों को मिलता है इस योजना का लाभ
– जिन परिवारों की आय अधिकतम सिर्फ 3 लाख रुपए है।
– मूलरूप से उत्तर प्रदेश का निवासी होना चाहिए, साथ ही स्थाई निवास प्रमाण पत्र होना चाहिए।
– एक परिवार की दो बेटियों को इस स्कीम का लाभ मिल सकता है।
– अगर किसी महिला को जुड़वां बच्चियां होती हैं और इसके बाद तीसरी संतान भी बेटी होती है, तो तीसरी बेटी को भी इस योजना का लाभ मिलेगा।