G-QKE15KJ9P0 25777229988609873
ChhattisgarhKCGखास-खबर

हरित पर्यावरण का दिया संदेश, पीएम श्री विद्यालय में विद्यार्थियों ने किया वृक्षारोपण

AP न्यूज़ विश्वराज ताम्रकार जिला ब्यूरो चीफ KCG

हरित पर्यावरण का दिया संदेश, पीएम श्री विद्यालय में विद्यार्थियों ने किया वृक्षारोपण

खैरागढ़ /गंडई : विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पीएम श्री स्वर्गीय लाल मुरत सिंह खुशरो शासकीय हिंदी/अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, गंडई में पर्यावरण संरक्षण एवं जागरूकता को लेकर विविध शैक्षिक एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना तथा स्वच्छ एवं हरित पर्यावरण का संदेश जन-जन तक पहुंचाना रहा।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने वृक्षारोपण, पोस्टर निर्माण, पर्यावरण विषयक भाषण, निबंध लेखन एवं स्वच्छता गतिविधियों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन, प्लास्टिक मुक्त जीवन और हरित विकास से जुड़े संदेशों को आकर्षक पोस्टरों एवं रचनात्मक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रदर्शित किया। विद्यालय परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का सामूहिक संकल्प भी लिया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों को वृक्षों के महत्व, जैव विविधता संरक्षण तथा जलवायु परिवर्तन के प्रभावों की जानकारी दी गई।
विद्यालय में 1 जून से 15 जून तक प्रतिदिन प्रातः 7:30 बजे से 9:30 बजे तक समर कैंप का संचालन भी किया जा रहा है, जिसमें लगभग 55 विद्यार्थी सक्रिय रूप से सहभागिता कर रहे हैं। शिविर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), आर्ट एंड क्राफ्ट, हस्तलेखन, मेहंदी, रंगोली, योग, खेल, नृत्य, गायन एवं पर्यावरण जागरूकता से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
समर कैंप के दौरान विद्यार्थियों को प्रतिदिन पौष्टिक एवं संतुलित भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उनकी नियमित उपस्थिति और सहभागिता में भी वृद्धि हुई है। विद्यालय के प्राचार्य पवन कुमार ददरया एवं समस्त शिक्षकों के मार्गदर्शन में संचालित कार्यक्रम में विद्यार्थियों को अधिक से अधिक वृक्ष लगाने, जल संरक्षण करने, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने तथा स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के लिए प्रेरित किया गया।
विद्यालय द्वारा आयोजित पर्यावरण जागरूकता एवं समर कैंप की गतिविधियों की विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं शिक्षकों ने सराहना करते हुए इसे ज्ञान, संस्कार और प्रकृति संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय पहल बताया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page