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तेंदूभाठा में रात्रि चौपाल आयोजित, योजनाओं की समीक्षा के साथ समस्याओं का समाधान

महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा व आजीविका पर विशेष फोकस, ई-रिक्शा सुविधा का मिला आश्वासन

खैरागढ़ : छुईखदान विकासखंड के बकरकट्टा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम तेंदूभाठा स्थित धान खरीदी केंद्र में मंगलवार शाम आयोजित रात्रि चौपाल में ग्रामीणों की समस्याओं का सुनियोजित ढंग से निराकरण किया गया। चौपाल में कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने सहभागिता निभाई। रात्रि चौपाल का उद्देश्य शासन की योजनाओं की जमीनी स्थिति का आकलन करना तथा ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना रहा।

कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा करते हुए महिलाओं से टीकाकरण, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं सुरक्षित प्रसव को लेकर विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराने, संस्थागत प्रसव को प्राथमिकता देने तथा एएनएम एवं मितानिनों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने की अपील की। उन्होंने कुपोषण दूर करने के लिए हरी सब्जियां, दाल, दूध, अंडा एवं विटामिन युक्त संतुलित आहार लेने पर जोर दिया और आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से मिलने वाले पोषण आहार की गुणवत्ता पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी परखा कि स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं का लाभ सभी पात्र हितग्राहियों तक पहुंच रहा है या नहीं।

वन मंडलाधिकारी (डीएफओ) ने वन विभाग की योजनाओं की जानकारी देते हुए ग्रामीणों से उनके लाभ के संबंध में फीडबैक लिया। उन्होंने वनोपज संग्रहण, पौधारोपण एवं वन संरक्षण की महत्ता समझाते हुए कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में ग्रामीणों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने पेड़ों के संरक्षण पर जोर देते हुए जल स्तर बनाए रखने के लिए सोखता गड्ढा (सोक पिट) निर्माण हेतु प्रेरित किया तथा वर्षा जल संचयन के उपाय अपनाने की सलाह दी। साथ ही गर्भवती महिलाओं को महुआ लड्डू के सेवन की सलाह दी।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रेम कुमार पटेल ने ग्रामीणों से आवास निर्माण की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य आवासीय योजनाओं के तहत स्वीकृत मकानों का निर्माण शीघ्र पूर्ण करने, गुणवत्ता का ध्यान रखने तथा हितग्राहियों को समय पर राशि उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी पात्र हितग्राही योजना के लाभ से वंचित न रहे, इसके लिए सतत निगरानी आवश्यक है।

शिक्षा, परिवहन और छात्रावास की मांग उठी

चौपाल में शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी ग्रामीणों ने शिकायतें रखीं। ग्राम तेंदूभाठा के प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक द्वारा पढ़ाई नहीं कराने तथा हाथीझोला प्राथमिक स्कूल के शिक्षक के विरुद्ध ग्रामीणों ने शिकायत की। इस पर कलेक्टर ने बीईओ छुईखदान को तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही कई स्कूलों में गणित विषय के शिक्षक की कमी की समस्या भी सामने आई, जिस पर शीघ्र व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए नियमित निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए।

समुन्दपानी-बकरकट्टा क्षेत्र की छात्राओं ने साल्हेवारा कॉलेज आने-जाने के लिए बस सुविधा नहीं होने की समस्या रखी, जिससे उन्हें शिक्षा जारी रखने में कठिनाई होती है। इस पर जिला पंचायत सीईओ द्वारा छात्राओं की सुविधा के लिए ई-रिक्शा उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सुविधा विशेष रूप से महिला समूहों को दी जाएगी, जिससे छात्राओं को सुरक्षित परिवहन उपलब्ध हो सके और साथ ही महिलाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ें। इस पहल से महिलाओं की आय में वृद्धि होने के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण को भी बल मिलेगा।

ग्रामीणों ने ओबीसी वर्ग के बच्चों के लिए छात्रावास खोलने की मांग भी रखी, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों के छात्र-छात्राओं को शिक्षा प्राप्त करने में सुविधा मिल सके। इस पर कलेक्टर ने आदिवासी विकास विभाग को आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया। सहायक आयुक्त स्वर्णिम शुक्ला द्वारा आदिवासी विकास विभाग के अंतर्गत संचालित छात्रावास/आश्रमों में कक्षा 6वीं से 10वीं तक पढ़ने वाले बालक-बालिकाओं को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। उन्होंने बताया कि इन संस्थाओं में आवास, भोजन, अध्ययन सामग्री सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। साथ ही कॉलेज स्तर की ग्रामीण छात्राओं एवं उनके पालकों से पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के लाभ के बारे में जानकारी ली गई, जिस पर छात्राओं एवं अभिभावकों ने संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि उन्हें योजना का लाभ मिल रहा है।

चौपाल में राजस्व, पंचायत, कृषि, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। ग्रामीणों द्वारा उठाई गई कई समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि शेष प्रकरणों के त्वरित समाधान के लिए संबंधित विभागों को समय-सीमा में कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने ग्रामीणों को शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी और अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

रात्रि चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन तक पहुंचाने का प्रभावी मंच मिला। इस पहल से न केवल समस्याओं के त्वरित समाधान में मदद मिल रही है, बल्कि शासन और ग्रामीणों के बीच संवाद एवं विश्वास भी मजबूत हो रहा है। प्रशासन ने भविष्य में भी इस तरह के आयोजनों को जारी रखने की बात कही, ताकि विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।

चौपाल में एसडीएम छुईखदान अविनाश ठाकुर, उप संचालक कृषि राजकुमार सोलंकी सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

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