छोटे किसान और महिला समूह ग्रामीण बदलाव की ताकत, छत्तीसगढ़ सरकार ने TRI के साथ की साझेदारी

रायपुर ।समावेशी ग्रामीण विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया (TRI) और छत्तीसगढ़ सरकार ने साझेदारी की है। रायपुर में आयोजित छठे इंडिया रूरल कोलोक्वी-2026 के छत्तीसगढ़ चैप्टर में छोटे किसानों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं और स्थानीय संस्थाओं की भूमिका को ग्रामीण विकास की सबसे बड़ी ताकत बताया गया।

मुख्यमंत्री के सचिव एवं गुड गवर्नेंस एंड कन्वर्जेंस विभाग के सचिव राहुल भगत ने कहा कि छोटे किसान और स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं ही ग्रामीण बदलाव की वास्तविक प्रेरक हैं। उनके नेतृत्व और पहल से गांवों में व्यापक परिवर्तन संभव हो रहा है।
कार्यक्रम के दौरान ‘ग्रीन इकोनॉमिक पाथवेज़-छत्तीसगढ़’ रिपोर्ट जारी की गई, जिसमें जलवायु-अनुकूल और समावेशी ग्रामीण अर्थव्यवस्था विकसित करने के सुझाव दिए गए। संगोष्ठी में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, सामुदायिक नेता, शिक्षाविद और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने ग्रामीण विकास, स्थानीय शासन और सामुदायिक नेतृत्व पर विचार साझा किए।
पद्मश्री सम्मानित बुद्री थाती ने कहा कि स्थायी विकास के लिए समुदाय और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। वहीं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह ने कहा कि हर सरकारी योजना का वास्तविक क्रियान्वयन गांव स्तर पर होता है, इसलिए मजबूत स्थानीय संस्थाएं ही टिकाऊ विकास की आधारशिला हैं।
संगोष्ठी में ‘ग्राम संवाद : ग्रामीण भारत का भविष्य गढ़ते समुदाय’ विषय पर विशेष चर्चा हुई। महिला समूहों, प्रगतिशील किसानों और जनप्रतिनिधियों ने आजीविका, सुशासन और सामुदायिक नेतृत्व के अपने अनुभव साझा किए। इन सुझावों के आधार पर ‘समाधान मंथन पॉलिसी इनोवेशन लैब’ के माध्यम से ग्रामीण विकास से जुड़े नीतिगत प्रस्ताव भी तैयार किए गए।
आयोजकों के अनुसार, इंडिया रूरल कोलोक्वी-2026 का आयोजन देश के छह राज्यों और नई दिल्ली में किया जा रहा है। इसमें ग्रामीण आजीविका, जलवायु परिवर्तन, सुशासन, लैंगिक समानता, स्वास्थ्य, तकनीक और स्थानीय अर्थव्यवस्था जैसे विषयों पर चर्चा कर व्यावहारिक नीति सुझाव तैयार किए जाएंगे।



