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कवर्धा में राजस्व अमला बेखबर,शासकीय जमीनों पर अवैध प्लाटिंग का खेल जारी नहर-नालों तक नहीं बचे – आकाश केशरवानी

शासकीय भूमि पर अवैध प्लाटिंग बढ़ी, राजस्व अमले पर उठे सवाल नहर, नाले और चारागाह जमीनों पर अतिक्रमण

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कवर्धा। जिले में अवैध प्लाटिंग का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। प्रदेश सचिव युवा कांग्रेस आकाश केशरवानी ने जिलाधीश को किया शिकायत कवर्धा शहर सहित कवर्धा विकास योजना (पुनर्विलोकन) 2031 में शामिल ग्रामों में शासकीय जमीनों पर कब्जा कर अवैध प्लाटिंग का कार्य धड़ल्ले से किया जा रहा है।जानकारी के अनुसार, नहर, नालों, घास भूमि (चारागाह) एवं अन्य राजस्व भूमि पर अतिक्रमण कर प्लॉट काटे जा रहे हैं। इस अवैध गतिविधि के चलते न केवल शासन को राजस्व की हानि हो रही है, बल्कि भविष्य में जल निकासी व्यवस्था और पर्यावरण पर भी गंभीर प्रभाव पड़ने की आशंका है।स्थानीय लोगों का कहना है कि कई जगहों पर खुलेआम शासकीय जमीनों को निजी संपत्ति बताकर बेचा जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभागों द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। प्रशासन की निष्क्रियता के कारण यह अवैध कारोबार लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे क्षेत्र में अव्यवस्थित विकास और आम जनता के साथ धोखाधड़ी की स्थिति बन रही है।

शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के कृषि भूमि पर हो रही है प्लाटिंग

जिले में अवैध प्लाटिंग का मामला अब गंभीर कानूनी उल्लंघन का रूप ले चुका है। कवर्धा शहर सहित शहरी क्षेत्रों में नगर पालिका अधिनियम 1956 की धारा 292(ग) के स्पष्ट प्रावधानों के बावजूद बिना अनुमति कृषि भूमि पर अवैध प्लाटिंग की जा रही है।नियमों के अनुसार किसी भी भूमि का विकास (प्लाटिंग) करने से पहले टीएनसीपी (Town & Country Planning) की अनुमति, रेरा (RERA) पंजीयन तथा भूमि का विधिवत डायवर्जन (कृषि से आवासीय) अनिवार्य होता है। इसके बावजूद इन प्रक्रियाओं की अनदेखी कर बड़े पैमाने पर प्लॉट काटे जा रहे हैं।वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्थिति चिंताजनक है। ग्राम पंचायत स्तर पर छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 तथा छत्तीसगढ़ ग्राम पंचायत (कालोनाइजर का रजिस्ट्रेशन, नियंत्रण तथा शर्तें) नियम 2013 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए कृषि भूमि पर अवैध प्लाटिंग की जा रही है। जानकारों के मुताबिक, बिना अनुमति की जा रही इस प्लाटिंग से न केवल शासन को भारी राजस्व नुकसान हो रहा है, बल्कि भविष्य में सड़क, नाली, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाओं की गंभीर समस्या भी खड़ी हो सकती है।

शासकीय भूमि पर कब्ज़ा

नगर पालिका क्षेत्र एवं आसपास के ग्रामों में शासकीय खसरा भूमि से संबंधित एक गंभीर मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कवर्धा नगर पालिका अंतर्गत गुरूनाला सेतु क्षेत्र में खसरा क्रमांक 1049 दर्ज है।इसी क्रम में ग्राम तालपुर में खसरा क्रमांक 109 एवं 78 नाले (पानी के नीचे) की श्रेणी में दर्ज हैं। ग्राम घोठिया में खसरा क्रमांक 137 भी नाले के अंतर्गत आता है, जो वर्तमान में पानी के नीचे स्थित है। वहीं ग्राम छिरहा में शासकीय खसरा क्रमांक 2 दर्ज किया गया है।चौंकाने वाली बात यह है कि इन शासकीय एवं जल निकाय से संबंधित भूमि पर अवैध कब्जा कर प्लाटिंग किया जा रहा है ।

विभाग की लापरवाही से फल-फूल रहा अवैध प्लाटिंग का कारोबार

प्रदेश सचिव युवा कांग्रेस आकाश केशरवानी ने कहा की कवर्धा शहर के चारों दिशाओं में राजस्व विभाग की गंभीर लापरवाही के चलते अवैध प्लाटिंग का कारोबार तेजी से फैल रहा है। भूमाफिया शासकीय भूमि पर खुलेआम कब्जा कर उसे प्लॉट के रूप में बेच रहे हैं, जिससे सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान हो रहा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस पूरे मामले में विभागीय अधिकारियों—पटवारी, आरआई, तहसीलदार एवं अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व)—की भूमिका संदेह के घेरे में है। इन अधिकारियों के संज्ञान में होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। आरोप है कि कुछ पटवारियों की भूमाफियाओं के साथ सांठगांठ के चलते यह अवैध गतिविधियां बेखौफ जारी हैं। प्रशासनिक निष्क्रियता के कारण भूमाफियाओं के हौसले बुलंद हैं और वे लगातार शासकीय भूमि पर कब्जा कर अवैध प्लाटिंग कर रहे हैं। जिलाधीश से शिकायत कर इस पर कठोर कार्यवाही की मांग किया गया है ।

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