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कवर्धा:- भोरमदेव महोत्सव की तैयारिंया पूरी, महोत्सव में छत्तीसगढ़ और भारत के अलग-अलग सांस्कृतिक विधाओं का संगम।

कवर्धा:- भोरमदेव महोत्सव की तैयारिंया पूरी, महोत्सव में छत्तीसगढ़ और भारत के अलग-अलग सांस्कृतिक विधाओं का संगम

19 और 20 मार्च को सजेगा भोरमदेव महोत्सव का मंच

कवर्धा, 18 मार्च 2023। छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में प्रत्येक वर्ष होने वाले भोरमदेव महोत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई है। इस वर्ष 2023 में 27वां भोरमदेव महोत्सव का आयोजन होने जा रहा है। इस बार महोत्सव 19 एवं 20 मार्च को होगा। प्राचीनतम काल से प्रत्येक वर्ष भोरमदेव महोत्सव का आयोजन होली के तेरस और चौदस तिथि होते आ रहा है। 19 मार्च को बाबा भोरमदेव मंदिर में शिव जी की विशेष पूजा-अर्चना के साथ मंदिर प्रांगण में 12 से 12.30 बजे के बीच जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी बैगा जनजाति की पांरम्परिक नृत्य के साथ महोत्सव का शुभारंभ होगा। महोत्सव में छत्तीसगढ़ के स्थानीय तथा अंचल के कलाकारों को भी महत्व देते हुए मंच प्रदान किया गया है। सांस्कृतिक कार्यक्रम दोपहर 12 बजे से शुरू होगा। दिन में दूर दराज से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए मंदिर प्रांगण पर भी सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। दो दिनों तक मंदिर प्रांगण में जसगीत, बैगा नृत्य, शिव पार्वती कथा एवं भजन, राम भजन, पंडवानी, पंथी नृत्य, सहित अलग-अलग धार्मिक सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
कलेक्टर श्री जनमेजय महोबे ने आज पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उम्मेद सिंह व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के साथ महोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए महोत्सव स्थल, मंदिर प्रांगण, प्राचीन सरोवर, पार्किंग स्थल, मंदिर के सामने उद्यान को अवलोकन किया। देश के अलग-अलग राज्यों तथा घरेलू व्यापारी भी बड़ी संख्या में इस महोत्सव में अपनी अपनी कारोबार करने आते है। व्यापारियों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी हो इसके लिए व्यवस्थित तरीके से दूकानों का भी आंबटन किया गया है।
छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, पुरात्तविक, धार्मिक, पर्यटन और जन आस्था का केन्द्र के नाम से भोरमदेव महोत्सव का आयोजन होता है। इस बार इस दो दिवसीय महोत्सव में छत्तीसगढ़ और भारतीय संस्कृति की अलग-अलग कला विधाओं का मंच में संगम होने जा रहा है। दो दिवसीय महोत्सव में छत्तीसगढ़ की कला संस्कृति के साथ बॉलीवुड कार्यक्रमों का आंनद उठा सकते है।

भोरमदेव महोत्सव 19 एवं 20 मार्च मंदिर प्रांगण में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम

भोरमदेव महोत्सव के पहले दिन 19 मार्च को 12 से 12.30 बजे के बीच बोड़ला ब्लॉक के चरण तिरथ, बैगा करमा नर्तक दल बारपानी के श्री मोहतु सिंह एवं साथी के द्वारा शानदार बैगा नृत्य की प्रस्तुति देंगे। इसके साथ ही 12.30 बजे से 1.15 के बीच ग्राम गैंदपुर के कुमार साहू द्वारा शिव पार्वती कथा एवं भजन 01.15 से 02 के बीच ग्राम हथलेवा के रेवाराम मरकाम द्वारा जसगीत, 02 से 02.45 के बीच ग्राम जिंदा के रामजस साहू द्वारा जसगीत, 02.45 से 3.30 के बीच सुरमोहनी मानस परिवार ग्राम सोनझरी श्री रमेश साहू द्वारा भजन मंडली, 3.30 से 4.30 के बीच ग्राम गोछिया के संतोष दास द्वारा पंण्डवानी और 4.30 से 5 के बीच ग्राम बरहट्ठी के खिलावनदास अनंत द्वारा पंथी नृत्य की शानदार प्रस्तुति देंगे।
दूसरे दिन 20 मार्च को समापन आयोजन में 12 से 12.30 बजे के बीच मनोहर भास्कर के द्वारा पंथी गीत भजन, 12.30 बजे से 1.15 के बीच सुखचंद पटेल के द्वारा भजन मंडली, 01.15 से 02 के बीच रामकृपाल द्वारा जसगीत, 02 से 02.45 के बीच शेखर धुर्वे एवं साथी द्वारा जसगीत/शिव भजन, 02.45 से 3.30 के बीच शिवकुमार यादव द्वारा बांसगीत, 3.30 से 04 के बीच पीलाराम साहू द्वारा रामायण/जसगीत, 04 से 04.30 बजे तक सरस्वती विश्वकर्मा द्वारा पण्डवानी और 4.30 से 05 बजे के बीच नीता मानिकपुरी द्वारा भजन/जसगीत की शानदान प्रस्तुति देंगे।

भोरमदेव महोत्सव में आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम

भोरमदेव महोत्सव के पहले दिन बोड़ला विकासखंड के ग्राम बारपानी निवासी श्री मोहतु बैगा एवं साथी के द्वारा बैगा नृत्य के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों का शुभारंभ होगा। मंच में प्रस्तुति देने वाले कलाकारों की मीनट-टू मीनट कार्यक्रम निर्धारित कर ली गई है। इसके बाद जिले के स्कूली बच्चों द्वारा अपनी प्रस्तुति देंगे। बोडला के रजउ साहू छत्तीसगढ़ की लोकगीत एवं नृत्य की प्रस्तुति देंगे। रायपुर की श्रीमती पूर्णश्री राउत भारतीय संस्कृति को प्रदर्शित करती हुए ओडिसी नृत्य की प्रस्तुति देगी। भिलाई की ऋतु वर्मा द्वारा छत्तीसगढ़ की पण्डवानी की प्रस्तुति देंगे। कोरबा के श्री जाकिर हुसैन द्वारा सुपर हिट गीतों की प्रस्तुति देकर मंच का शंमा बांधेगे। इसके बाद छत्तीसढ़ के लोकगीतों के गायन की प्रस्तुति देते हुए श्री सुनील तिवारी आयोजन को आगे बढ़ाएंगे।
भोरमदेव महोत्सव के दूसरे दिन स्कूली बच्चों के आयोजन के साथ सांस्कृतिक कार्याक्रमों का शुभारंभ होगा। खैरागढ़ के डॉ. नीता राजेन्द्र सिंह द्वारा कत्थक नृत्य की प्रस्तुति दी जाएगी। गुरूदास मानिकपुरी छत्तीसगढ़ लोकगीत की प्रस्तुति देते हुए कार्यक्रम को आगे बढाएंगे। भाटापारा के सुश्री अंशिका चौहान द्वारा सुगम संगीत की प्रस्तुति दी जाएगी। ग्राम दुल्लापुर के गोलू दिवाना द्वारा लोक संगीत की प्रस्तुति देंगे। रायपुर से आए डॉ. आरती सिंह द्वारा कत्थक नृत्य की प्रस्तुति देते हुए भारतीय संस्कृति की झलक दिखाएंगे। इसके बाद सारेगामापा विजेजा सिंगर सुश्री इशिता विश्वकर्मा एवं उनकी पूरी टीम की सुपर-हिट गीत संगीत से महोत्सव का मंच सजेगा। साथ ही छत्तीसगढ़ की लोकगायिका श्रीमती अल्का चंद्राकर और उनकी टीम कार्यक्रमों को आगे बढ़ाते हुए महोत्सव के समापन बेला तक पहुंचाएंगे।

प्रत्येक वर्ष तेरस और चौदस की तिथि बाबा भोरमदेव के लिए विशेष महत्व

भोरमदेव मंदिर के प्रधान पुजारी श्री अशीष शास्त्री ने बताया कि भोरमेदव मंदिर में प्रत्येक वर्ष होती के बाद तेरस और चौदस को बाबा भोरमदेव शिव जी के लिए विशेष दिन रहता है। प्राचीन काल से इन तिथियों के दिन मंदिर में विशेष अनुष्ठान और दिव्य श्रृंगार सहित अनेक धार्मिक अनुष्ठान होते है। यहां प्राचीन काल से मंदिर के समीप स्थानीय मेला का आयोजन भी होते आया है, जो समय के साथ-साथ स्थानीय मेला अब महोत्सव का स्वरूप ले लिया है। इन दो दिनो में मंदिर में बाबा भोरमदेव शिव जी का विशेष विशेष अनुष्ठान और दिव्य श्रृंगार सहित अनेक धार्मिक अनुष्ठान होते है। प्रात काल बाबा भोरमदेव का महाअभिषेक, एक हजार नामों से सहर्षाचन,रूद्राभिषेक, विशेष श्रृंगार आरती होती है। दूसरे पहर शायम काल में सहत्रधारा से महाभिषेक,श्रृंगार महाआरती-भस्म आरती, शिव सरोवर के सामने भगवान वरूण देव का पूजन, दीपदान गंगाआरती की जाती है। इस उत्सव में शामिल होने के लिए देश के अलग-अलग राज्यों से श्रद्धालुओं को आगमन होता है। कोई पर्यटक के रूप में शामिल होते है तो कोई श्रद्धालु के रूप में।

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