मोदी सरकार के 12 साल पर किसान कांग्रेस का हमला, खाद संकट से लेकर निजीकरण तक उठाए सवाल

AP न्यूज़ विश्वराज ताम्रकार जिला KCG
गंडई। प्रदेश किसान कांग्रेस के उपाध्यक्ष रणजीत सिंह चंदेल ने केंद्र की भाजपा सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सरकार की नीतियों को किसान और आम जनता के लिए निराशाजनक बताया। उन्होंने कहा कि “12 साल बेमिसाल” का दावा जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाता और देश की जनता अब रोजगार, किसानों की आय, महंगाई और अर्थव्यवस्था जैसे वास्तविक मुद्दों पर जवाब मांग रही है।
श्री चंदेल ने कहा कि प्रदेश में किसानों को खाद की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि सहकारी समितियों में पर्याप्त आपूर्ति नहीं होने से किसान परेशान हैं, जबकि खुले बाजार में यूरिया निर्धारित कीमत से कई गुना अधिक दाम पर बेचा जा रहा है। उन्होंने इसे किसानों के साथ अन्याय बताते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि एक ओर सरकार वृक्षारोपण अभियान चलाने का दावा करती है, वहीं दूसरी ओर हसदेव क्षेत्र में पेड़ों की कटाई से पर्यावरण और आदिवासी समुदाय प्रभावित हो रहे हैं। उनके अनुसार यह सरकार के दोहरे रवैये को दर्शाता है।
लोकतांत्रिक व्यवस्था का उल्लेख करते हुए चंदेल ने संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाया और कहा कि विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनता द्वारा चुनी गई सरकारों को असंवैधानिक तरीकों से अस्थिर करना लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
किसान कांग्रेस नेता ने केंद्र सरकार पर निजीकरण को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि सार्वजनिक उपक्रमों और राष्ट्रीय संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है। उन्होंने महंगाई, डीजल-पेट्रोल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों को भी आम जनता पर आर्थिक बोझ बताया।
उन्होंने नोटबंदी, कोविड-19 प्रबंधन और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इन फैसलों का असर देश के युवाओं, व्यापारियों और किसानों पर पड़ा है। उनके अनुसार रोजगार सृजन के वादे भी पूरे नहीं हुए हैं।
रणजीत सिंह चंदेल ने कहा कि देश की जनता अब खाद संकट, महंगाई, निजीकरण और युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग रही है और आने वाले समय में इन विषयों पर अपना निर्णय देगी।

