स्वच्छाग्रही सुरक्षित तो गांव सुरक्षित : अभिषेक अग्रवाल

2 अक्टूबर तक 60 ग्राम पंचायतों में शत-प्रतिशत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का लक्ष्य, सभी स्वच्छाग्रहियों को मिलेगी सुरक्षा किट
कवर्धा, 13 जुलाई। भारत सरकार एवं सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन तथा आगामी 2 अक्टूबर 2026 तक जिले की 60 ग्राम पंचायतों में शत-प्रतिशत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक अग्रवाल ने सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए हैं।
अभिषेक अग्रवाल ने जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों, जिला एवं विकासखंड समन्वयकों तथा स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) से जुड़े अधिकारियों की वर्चुअल बैठक लेकर कहा कि “स्वच्छाग्रही सुरक्षित तो गांव सुरक्षित” के मूल मंत्र को अपनाते हुए सभी ग्राम पंचायतों में कार्यरत महिला स्वच्छाग्रहियों को अनिवार्य रूप से सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं, ताकि वे सुरक्षित वातावरण में अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकें।
बैठक में बताया गया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के तहत घर-घर से गीला, सूखा, लाल (जैव-चिकित्सीय/संक्रमणयुक्त) और काला (विशेष/ई-वेस्ट) श्रेणी के कचरे का पृथक संग्रहण किया जाएगा। इस प्रक्रिया में स्वच्छाग्रही विभिन्न प्रकार के अपशिष्टों के सीधे संपर्क में आती हैं, इसलिए उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सुरक्षा सामग्री उपलब्ध कराना आवश्यक है।
अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि स्वच्छता अभियान की रीढ़ महिला स्वच्छाग्रही हैं। यदि उन्हें आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए जाएंगे तो स्वच्छ कबीरधाम का लक्ष्य अधूरा रह जाएगा। एक स्वच्छाग्रही सुरक्षित रहेगी, तभी पूरा गांव स्वच्छ और स्वस्थ रहेगा।
सुरक्षा किट में होंगे ये उपकरण
प्रत्येक महिला स्वच्छाग्रही को उपलब्ध कराई जाने वाली सुरक्षा किट में दो जोड़ी दस्ताने, तीन मास्क, एक एप्रन/कोट, एक जोड़ी जूता कवर, टोपी, पहचान पत्र, दो जोड़ी साड़ी तथा फावड़ा और बेल्चा सहित आवश्यक कार्य उपकरण शामिल होंगे।
सीईओ ने सभी ग्राम पंचायतों को समय-सीमा के भीतर आईएसआई मानक के गुणवत्ता युक्त सुरक्षा उपकरणों की खरीदी एवं वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही सुरक्षा किट वितरण के बाद फोटो सहित प्रतिवेदन जिला पंचायत को भेजने तथा सभी स्वच्छाग्रहियों को सुरक्षा उपकरणों के उपयोग और चार डिब्बा प्रणाली के तहत लाल डिब्बे में सेनेटरी अपशिष्ट तथा काले डिब्बे में इलेक्ट्रॉनिक अपशिष्ट (ई-वेस्ट) के पृथक्करण संबंधी प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से आयोजित करने के निर्देश भी दिए।
जिला प्रशासन ने सभी सरपंचों, सचिवों एवं जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे अपने-अपने ग्राम पंचायतों में स्वच्छाग्रहियों को सुरक्षा किट वितरण तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन अभियान को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग प्रदान करें।



