सरकार के दो आदेशों से साफ, सरकार अफीम के नशे में चल रही – दीपक बैज

आरएसएस के दबाव में 21 अप्रैल के आदेश पर रोक लगाई गई
रायपुर/23 अप्रैल 2026। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार का बेहद आश्चर्यचकित करने वाला आदेश आया है, पहले सरकार ने 21 अप्रैल को आदेश निकाला था कि शासकीय कर्मचारियों को किसी भी राजनैतिक दल एवं सामाजिक संगठन में भाग लेने पर प्रतिबंध है। लेकिन उसके बाद आदेश 22 अप्रैल को आदेश आया कि 21 अप्रैल का आदेश था उसमें आगामी आदेश तक रोक लगाया जाता है। नये आदेश के बाद आज की तारीख में छत्तीसगढ़ में कोई भी कर्मचारी राजनैतिक दल का सदस्य बन सकता है, सामाजिक संगठन का सदस्य बन सकता है। सरकार का आदेश अपने ही नियम को धता बताने वाला है। इस आदेश से पता चलता है कि या तो सरकार अफीम खाकर चल रही या फिर अनाड़ी लोगों के दबाव में चल रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार ने 21 अप्रैल के आदेश को क्यों निकाला था, जबकि यह तो स्थापित नियम है शासकीय कर्मचारी अपने सर्विस रूल के अनुसार किसी भी राजनैतिक एवं गैर राजनीतिक संगठन के कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो सकता, इस आदेश को देखकर लग रहा था भाजपा सरकार का एक वर्ग आरएसएस को टारगेट करना चाह रहा था, यह वर्ग सरकार में आरएसएस के हस्तक्षेप से नाराज है, इसीलिए यह आदेश निकाला गया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार का नया आदेश आरएसएस के नाराज होने के बाद यह आदेश निकाला गया है कि इस आदेश में पुराने नियमों की धज्जियां उड़ाई गई है क्योंकि प्रतिबंध लगायेंगे तो आरएसएस गतिविधियों में शासकीय कर्मचारी नहीं जा पायेंगे। 21 तारीख को जो आदेश था उसमें सबसे ज्यादा प्रभावित तो आरएसएस होने वाली थी। भाजपा की सरकार दबाव डालकर लालच देकर कर्मचारियों को आरएसएस के कार्यक्रमों में भेजती थी, 21 अप्रैल के आदेश से इसमें स्वमेव रोक लग गयी थी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि आरएसएस विध्वंसक गतिविधियों के लिए पहले भी अनेकों बार प्रतिबंध लगाया जा चुका है। देश के पहले गृहमंत्री सरदार पटेल ने आरएसएस पर प्रतिबंध लगाया था, अनेकों राज्य सरकार ने आरएसएस की गतिविधियों को देश के लिए घातक माना था, ऐसे में आरएसएस में शासकीय कर्मचारियों को छूट तो कदापि भी नहीं देना चाहिए।
