G-QKE15KJ9P0 25777229988609873
ChhattisgarhINDIARaipurखास-खबर

सुशासन तिहार ने दूर की भवन सिंह की वर्षों पुरानी चिंता

सुशासन तिहार बना उम्मीदों का सहारा- किसान भवन सिंह को मौके पर मिली किसान किताब

रायपुर, 02 मई 2026/छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आयोजित सुशासन तिहार आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण का एक सशक्त माध्यम साबित हो रहा है। गौरेला-पेन्ड्रा-मरवाही जिले के दूरस्थ अंचलों में रहने वाले ग्रामीणों के लिए यह शिविर किसी वरदान से कम नहीं है। ऐसी ही एक सुखद तस्वीर मरवाही विकासखंड के ग्राम पंचायत सेमरदर्री में आयोजित शिविर में देखने को मिली।

वर्षों का इंतजार और दफ्तरों के चक्कर

ग्राम पंचायत नाका के निवासी किसान भवन सिंह पिछले कई वर्षों से अपनी किसान किताब (ऋण पुस्तिका) बनवाने के लिए परेशान थे। किसान किताब न होने के कारण उन्हें कई तकनीकी और व्यावहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। खेती-किसानी के कार्यों में लगातार बाधाएं आ रही थीं। शासकीय योजनाओं और अनुदान का लाभ लेने में कठिनाई हो रही थी। कार्यालयों के चक्कर काटने के बावजूद प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही थी।

समाधान- मौके पर ही मिली राहत

जब भवन सिंह को सेमरदर्री में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर की जानकारी मिली, तो वे अपनी उम्मीद लेकर वहाँ पहुँचे। शिविर में प्रशासन की सक्रियता का नजारा कुछ इस तरह रहा। राजस्व विभाग के अधिकारियों ने भवन सिंह के आवेदन को गंभीरता से लिया। मौके पर ही दस्तावेजों की जाँच और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की गईं। वर्षों से लंबित इस कार्य को कुछ ही समय में पूर्ण कर भवन सिंह को उनकी किसान किताब सौंप दी गई।

खुशी और आभार

अपनी किसान किताब प्राप्त कर भवन सिंह भावुक हो उठे। उन्होंने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा अब मेरी खेती की राह आसान हो जाएगी और मैं बिना किसी रुकावट के सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकूँगा। वर्षों की दौड़-भाग आज एक ही शिविर में खत्म हो गई। भवन सिंह ने इस त्वरित न्याय के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और जिला प्रशासन का सहृदय आभार व्यक्त किया। भवन सिंह की यह कहानी प्रमाणित करती है कि जब शासन की नेक मंशा और प्रशासन की सक्रियता का मेल होता है, तो सुदूर वनांचलों में भी सुशासन की किरण पहुँचती है। सुशासन तिहार आज जन-जन के विश्वास का प्रतीक बन चुका है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page