कवर्धा के आत्मानंद स्कूल में अभिव्यक्ति कार्यक्रम का किया गया आयोजन।

कवर्धा के आत्मानंद स्कूल में अभिव्यक्ति कार्यक्रम का किया गया आयोजन।

कबीरधाम जिले की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक द्वारा आत्मानंद स्कूल कवर्धा के छात्र/छात्राओं एवं शिक्षिकाओं को महिला एवं बालक बालिकाओं के अधिकारों तथा साइबर अपराध से बचाव के विषय में विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई।


महिला सुरक्षा हेतु समाधान पिटारा लगाया गया।

डायल 112 एवं यातायात नियमों की विस्तारपूर्वक दी गई जानकारी।
कबीरधाम जिले की महिला एवं स्कूली छात्र छात्राओं/बालक बालिकाओं को उनके अधिकारों का विस्तारपूर्वक जानकारी देकर जागरूक करने हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिसके तहत अभिव्यक्ति कार्यक्रम आयोजित कर आज दिनांक-18.08.2022 को कबीरधाम पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मनीषा ठाकुर रावटे एवं महिला सेल टीम के द्वारा शहर के आत्मानंद स्कूल में उपस्थित स्कूली बालक बालिकाओं एवं शिक्षिकाओं को उनके अधिकारों के विषय में विस्तार पूर्वक जानकारी देकर जागरूक किया गया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मनीषा ठाकुर रावटे के द्वारा आत्मानंद स्कूल में उपस्थित कक्षा छठवीं से कक्षा बारहवीं तक के छात्र-छात्राओं को अपना परिचय देते हुए, बाल सुरक्षा एवं अधिकारों के विषय में विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए महिलाओं एवं बालिकाओं के अधिकारों की विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई साथ ही साइबर अपराधों के विषय में जानकारी देते हुए कहा गया कि आजकल सबसे अधिक स्कूली छात्र छात्राएं साइबर ठगों के झांसे में आ रहे हैं। बिना किसी मोबाइल एप के विषय में जाने अपने मोबाइल या माता-पिता के मोबाइल पर ऐप डाउनलोड कर ऐप के द्वारा मांगे जाने वाले सारे परमिशन पर एलाऊ कर देते हैं। जिससे साइबर अपराधों को अंजाम देने वाले अपराधियों के पास मोबाइल में रखा सारा डाटा आसानी से पहुंच जाता है, जिसके माध्यम से यदि मोबाइल में कोई पर्सनल फोटो या वीडियो हो तो उस फोटो के माध्यम से अन्य फर्जी आईडी तैयार कर आपके कांटेक्ट में आने वाले मित्रों से पैसे या अन्य किसी चीज की मांग रखते हैं, जिस का विशेष ध्यान रखते हुए किसी भी एप्लीकेशन को अपने मोबाइल पर लोड ना करें यदि फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम आदि मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करते हैं। तो अनजान लोगों से दोस्ती बिल्कुल ना करें, तथा किसी भी प्रकार की सीक्रेट फोटो वीडियो या कोई दस्तावेज कदापि शेयर ना करें, कहकर “गुड टच बैड टच” के विषय में विस्तार पूर्वक जानकारी देकर महिला एवं बालक बालिकाओं से संबंधित अधिकारों की जानकारी दी गई।
अभिव्यक्ति मोबाइल ऐप के विषय में जानकारी देते हुए बताया गया कि अभिव्यक्ति ऐप पूर्णता सुरक्षित है, जो महिलाओं एवं बालक/बालिकाओं की सुरक्षा के लिए तैयार किया गया है। जिसे आप सब अपने तथा अपने परिजनों व आसपास रहने वाले पड़ोसियों के मोबाइल पर लोड करने कहें जिससे उन्हें भी किसी प्रकार की समस्या हो तो वे भी ऐप के माध्यम से बिना थाना आए पुलिस तक अपनी शिकायत पहुंचा सकेंगे। जिस पर तत्काल पुलिस टीम पहुंचती है और आपके शिकायतों का निराकरण किया जाता है, साथ ही आपके साथ कुछ ऐसी घटना घट जाता है। जिसे आप किसी से शेयर करने से कतरा रहे हैं, तो भी आप अभिव्यक्ति ऐप के माध्यम से पुलिस को अपने साथ हुए घटना की जानकारी देवें, जो पूर्णता गोपनीय रहता है, तथा आरोपी के विरुद्ध उचित वैधानिक कार्यवाही भी होती है।
स्कूल में लगाया गया समाधान पिटारा स्कूली छात्र छात्राओं को किसी भी प्रकार की समस्या होने पर या कोई शिकायत जिसे वे अपने माता-पिता या स्कूली शिक्षक शिक्षिकाओं से नहीं बोल पा रहे हैं। ऐसे शिकायतों को समाधान पिटारा में डालने कहा गया, जिसे हर सप्ताह महिला सेल पुलिस टीम के द्वारा आकर उन शिकायतों को पूर्णता गोपनीय रखते हुए ले जाकर निराकरण किया जाएगा।
डायल 112 एक्के नंबर सब्बो बर डायल 112 के विषय में जानकारी देते हुए बताया गया कि यह एक टोल फ्री नंबर है, जिनके घरों में यदि एंड्रॉयड फोन नहीं है। और वे अभिव्यक्ति ऐप डाउनलोड नहीं कर सकते तो वे डायल 112 टोल फ्री नंबर पर कॉल कर पुलिस टीम की सहायता ले सकते हैं। डायल 112 की सहायता 24 घंटे सुचारू रूप से जारी रहती है। डायल 112 पुलिस टीम सिर्फ शिकवा शिकायतों के लिए ही नहीं यदि कोई गंभीर अवस्था में घायल है, रोड एक्सीडेंट हुआ है, महिलाओं को प्रसव पीड़ा हो रही है, और उचित संसाधन उपलब्ध नहीं है, या अन्य कोई समस्या जिसके लिए आपको पुलिस टीम की सहायता का आवश्यकता है, तो बेझिझक होकर डायल 112 पर कॉल कर पुलिस टीम की सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं।
यातायात नियम की जानकारी देते हुए स्कूली छात्र छात्राओं को बताया गया कि सड़क पर हमेशा बाऐं ओर चलें, सड़क पर लगे सिग्नल लाइट पर लाल बत्ती जल रही हो तो रुके, पीली बत्ती पर चलने के लिए तैयार हो जाएं, हरी बत्ती पर रोड क्रॉस करें, यदि सिग्नल लाइट की व्यवस्था नहीं है, तो भी सड़क पार करते समय दाहिने बाएं देखकर जब आप पूर्णता संतुष्ट हो जाए कि सड़क पर कोई वाहन नहीं आ रही है, तब ही रोड क्रश करें, स्कूली छात्र छात्राओं को अपने माता पिता से वाहन खरीदने की जिद या घर में रखें वाहनों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए अन्यथा आप दुर्घटनाओं के शिकार हो सकते हैं। घर से बाहर मोटरसाइकिल पर यदि आपके माता-पिता जाते हैं तो उन्हें हेलमेट लगाने तथा कार में सीट बेल्ट लगाने जानकारी देवें कहकर यातायात के नियमों का सबको पालन करना चाहिए कहा गया।
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मनीषा ठाकुर रावटे के कुशल नेतृत्व में महिला सेल प्रभारी विजया कैवर्त्य, आर.रोमन चंद्रवंशी, महिला आरक्षक उषा, मीना शर्मा,चालक आशीष चंद्रवंशी, एवं आत्मानंद स्कूल के प्रिंसिपल श्री आर.एल. बारले, एवं अन्य शिक्षक शिक्षिकाएं तथा अधिक संख्या में स्कूली छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।