प्रधानमंत्री मोदी से मिले मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, बस्तर विजन और राज्य की प्रमुख परियोजनाओं पर हुई विस्तृत चर्चा

रायपुर/नई दिल्ली, 31 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने नई दिल्ली में संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सौजन्य भेंट कर छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, बस्तर के कायाकल्प और राज्य की प्रमुख अधोसंरचना एवं औद्योगिक परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के समक्ष ‘बस्तर विजन’ का रोडमैप प्रस्तुत करते हुए केंद्र सरकार से तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं में सहयोग का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने राजनांदगांव में 10,500 करोड़ रुपये की गैस आधारित यूरिया परियोजना को शीघ्र स्वीकृति देने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि परियोजना के लिए भूमि उपलब्ध करा दी गई है और राज्य स्तर की सभी आवश्यक स्वीकृतियां पूरी हो चुकी हैं। इस परियोजना से किसानों को उर्वरक की बेहतर उपलब्धता के साथ औद्योगिक निवेश और रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
बैठक में मुख्यमंत्री ने बस्तर सहित संवेदनशील क्षेत्रों के 461 गांवों को स्थायी विद्युत ग्रिड से जोड़ने के लिए विशेष केंद्रीय सहायता मांगी। उन्होंने कहा कि स्थायी बिजली आपूर्ति से शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, रोजगार और ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी। साथ ही रायपुर अथवा बस्तर में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA) की स्थापना का भी प्रस्ताव रखा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने’ अभियान के माध्यम से बस्तर संभाग के 5,542 गांवों के लगभग 39 लाख लोगों तक शासन की योजनाएं पहुंच रही हैं। राशन, आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री आवास, वनाधिकार और अन्य योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में वर्षों से बंद पड़े 421 स्कूलों को पुनः शुरू किया गया है तथा दंतेवाड़ा की तर्ज पर ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है। वहीं मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत अब तक 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क, रेल, बिजली और हवाई संपर्क के विस्तार से बस्तर की तस्वीर तेजी से बदल रही है। जगदलपुर-रावघाट रेल लाइन, रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे, इंद्रावती बैराज परियोजना और जगदलपुर से हवाई सेवाओं के विस्तार जैसे कार्य विकास को नई दिशा देंगे। उन्होंने बस्तर दशहरा को वैश्विक पर्यटन ब्रांड बनाने और चित्रकोट व तीरथगढ़ जैसे पर्यटन स्थलों को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने की योजनाओं की भी जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि बस्तर ओलंपिक में 4 लाख से अधिक युवाओं की भागीदारी ने क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव का संदेश दिया है। साथ ही राज्य की नई औद्योगिक नीति के तहत छत्तीसगढ़ को लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। एआई डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, हाइपरस्केल डेटा सेंटर, ग्लोबल बीपीओ, गारमेंट, इलेक्ट्रॉनिक्स और चॉकलेट निर्माण जैसे नए क्षेत्रों में निवेश आ रहा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ ने 10.42 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाया है और अगले चरण में 14 लाख महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2027 में रायपुर में प्रस्तावित ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित किया।
मुख्यमंत्री ने 500 करोड़ रुपये के राज्य एआई मिशन, सेवा सेतु पोर्टल, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, डिजिटल राजस्व सुधार, ऑनलाइन सेवाओं और वित्तीय अनुशासन की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ शांति, विकास, सुशासन और औद्योगिक प्रगति के नए मॉडल के रूप में तेजी से आगे बढ़ रहा है।


