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प्रधानमंत्री आवास योजना से छत्तीसगढ़ में बदली लाखों परिवारों की जिंदगी, 11.78 लाख ग्रामीण आवास पूरे

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पक्के मकानों से मिल रही सुरक्षा और सम्मान; आवास प्लस 2.0 के तहत प्रदेश को 3.65 लाख नए आवासों का लक्ष्य

रायपुर। गरीब और जरूरतमंद परिवारों के पक्के घर का सपना साकार करने वाली प्रधानमंत्री आवास योजना छत्तीसगढ़ में सामाजिक और आर्थिक बदलाव की महत्वपूर्ण मिसाल बन रही है। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरों तक पक्के मकानों का निर्माण लोगों को सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक जीवन का आधार दे रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दे रही है।

वर्षों तक कच्चे और जर्जर मकानों में रहने वाले परिवारों के लिए पक्का घर केवल एक निर्माण नहीं, बल्कि बेहतर भविष्य की उम्मीद है। बारिश में टपकती छत, दीवारों में सीलन और गर्मी-सर्दी से बचाव की परेशानियों से जूझने वाले परिवारों को अब सुरक्षित आवास की सुविधा मिल रही है। बिजली, पेयजल, शौचालय, रसोई गैस और राशन जैसी अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ने पर इन मकानों की उपयोगिता और बढ़ जाती है।

ग्रामीण क्षेत्रों में 11.78 लाख आवास पूर्ण

प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत राज्य में अब तक 26 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं। योजना के अंतर्गत पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख 12 हजार जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक लगभग 11 लाख 78 हजार आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है।

नक्सल प्रभावित परिवारों और आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों के लिए विशेष परियोजना के तहत केंद्र सरकार से 15 हजार आवासों की स्वीकृति मिली है। इनमें से राज्य में 5,600 आवास स्वीकृत किए गए हैं।

वहीं, मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 47 हजार हितग्राहियों के लिए आवास स्वीकृत किए गए थे। नई सरकार के गठन के बाद इस श्रेणी में 39 हजार आवास स्वीकृत किए गए, जिनमें से 24 हजार आवास पूरे हो चुके हैं।

आवास प्लस 2.0 के तहत 3.65 लाख नए आवासों का लक्ष्य

वर्ष 2024 में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत आवास प्लस 2.0 सर्वे कराया गया था। इसके आधार पर 11 सितंबर 2026 को भारत सरकार से छत्तीसगढ़ को लगभग 3.65 लाख नए आवासों का लक्ष्य मिला है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पात्र परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने के प्रयासों को आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।

शहरी क्षेत्रों में 2.22 लाख मकान पूरे

प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के तहत राज्य में स्वीकृत 2 लाख 43 हजार आवासों में से 2 लाख 22 हजार आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। इनमें लाभार्थी आधारित निर्माण (बीएलसी) घटक के 1,93,175 आवास और भागीदारी में किफायती आवास (एएचपी) घटक के 29,267 आवास शामिल हैं।

पिछले ढाई वर्षों में शहरी आवास योजना के बीएलसी घटक के तहत 75,709 आवास पूरे किए गए। वहीं, एएचपी घटक के अंतर्गत 13,082 आवासों का निर्माण पूरा हुआ। इस घटक में 14,687 हितग्राहियों को आवास आवंटित किए गए और 12,530 हितग्राहियों को पूर्ण आवासों में बसाया गया। आवास निर्माण के लिए नगरीय निकायों को 909 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।

शहरी आवास 2.0 में 71,416 मकान स्वीकृत

प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के तहत प्रदेश के सभी शहरों में घर-घर सर्वे अभियान चलाया जा रहा है। योजना में तकनीक आधारित सर्वेक्षण और तेजी से स्वीकृति की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, इस योजना के तहत अब तक 71,416 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 4,129 आवास पूरे हो चुके हैं, जबकि 25,165 आवास निर्माणाधीन हैं। इनके निर्माण के लिए नगरीय निकायों को 533.93 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, शहरी क्षेत्रों में योजना के तहत 1.32 लाख आवासों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।

पक्का मकान बना सम्मानजनक जीवन का आधार

प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित छत उपलब्ध कराने के साथ उनके जीवन स्तर में सुधार की राह भी खुल रही है। पक्का मकान मिलने से परिवारों को मौसम की मार और असुरक्षित आवास की चिंता से राहत मिलती है। साथ ही बच्चों की पढ़ाई, परिवार के स्वास्थ्य और घरेलू जीवन को बेहतर बनाने के लिए अनुकूल वातावरण मिलता है।

योजना का व्यापक उद्देश्य आवास के साथ बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कर गरीब परिवारों को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में इसके क्रियान्वयन से प्रदेश में आवासीय सुविधाओं के विस्तार को गति मिल रही है।

— डॉ. उषा किरण बड़ाईक, संयुक्त संचालक, जनसंपर्क

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