चाचा की हत्या के बाद फरार आरोपी तेलंगाना से गिरफ्तार

कुकदूर पुलिस ने सांगारेड्डी में दबोचा, डंडे से सिर पर हमला करने के बाद 15 दिन इलाज के दौरान हुई थी मौत
कवर्धा/कुकदूर। कुकदूर पुलिस ने हत्या के मामले में करीब दो साल से फरार चल रहे आरोपी को तेलंगाना से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने सामान्य विवाद के दौरान अपने ही चाचा के सिर पर लकड़ी के डंडे से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। करीब 15 दिन तक इलाज के बाद घायल की मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता जोड़ी थी। गिरफ्तारी के डर से आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहा था और अंततः तेलंगाना के सांगारेड्डी जिले में जाकर छिप गया था।
पुलिस के अनुसार, 2 दिसंबर 2024 को ग्राम बैगापारा पोलमी निवासी फूलसिंह बैगा का अपने चाचा सुकलाल बैगा (55) से किसी सामान्य बात को लेकर विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर फूलसिंह ने गाली-गलौज और धमकी देते हुए लकड़ी के डंडे से सुकलाल के साथ मारपीट की। हमले में सुकलाल को गंभीर चोटें आईं।
घटना के अगले दिन 3 दिसंबर 2024 को कुकदूर थाने में आरोपी के खिलाफ धारा 296, 351(2) और 115(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। मेडिकल रिपोर्ट में गंभीर चोट सामने आने पर विवेचना के दौरान धारा 117(2) बीएनएस भी जोड़ी गई।
15 दिन बाद इलाज के दौरान मौत
पुलिस के मुताबिक, घायल सुकलाल बैगा की 17 दिसंबर 2024 की रात मौत हो गई। इसके बाद 18 दिसंबर को पुलिस ने मर्ग कायम कर पंचनामा एवं मर्ग जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि आरोपी द्वारा सिर पर किए गए डंडे के प्रहार से लगी गंभीर चोटों के चलते सुकलाल की मृत्यु हुई। इसके आधार पर पुलिस ने प्रकरण में धारा 103(1) बीएनएस के तहत हत्या का मामला जोड़ा।
तेलंगाना में छिपा था आरोपी
चाचा की मौत के बाद फूलसिंह फरार हो गया था। पुलिस उसकी लगातार तलाश कर रही थी। पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव के निर्देश और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कुकदूर पुलिस ने मुखबिर तंत्र के साथ तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लेकर आरोपी की तलाश शुरू की।
इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी तेलंगाना के सांगारेड्डी जिले के बोंथापल्ली क्षेत्र में छिपा हुआ है। सूचना की पुष्टि के बाद कुकदूर पुलिस की टीम तेलंगाना रवाना हुई। टीम ने स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाते हुए थाना गुम्माडीडाला क्षेत्र से आरोपी फूलसिंह बैगा को पकड़ लिया।
कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर जेएमएफसी न्यायालय पंडरिया में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
इनकी रही भूमिका
कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक संतोष मिश्रा, उप निरीक्षक गोविंद चंद्रवंशी, प्रधान आरक्षक मनोज तिवारी, आरक्षक संदीप पाण्डेय, साइबर थाना टीम और महिला आरक्षक बिमला धुर्वे का महत्वपूर्ण योगदान रहा।



