125 दिन रोजगार योजना का प्रशिक्षण: सरपंचों को ऑनलाइन हाजिरी, समय पर मजदूरी भुगतान और कार्य स्वीकृति की दी जानकारी

कवर्धा। विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (जी-राम-जी) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जिले के सरपंचों का चार दिवसीय प्रशिक्षण जिला पंचायत संसाधन केंद्र डंगनिया में आयोजित किया जा रहा है। 4 से 7 अगस्त तक चल रहे इस प्रशिक्षण में कवर्धा, बोड़ला, सहसपुर लोहारा और पंडरिया जनपद पंचायतों के सरपंचों को योजना के नए प्रावधानों की जानकारी दी जा रही है।

प्रशिक्षण में सरपंचों को 125 दिनों के रोजगार की व्यवस्था, ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों की पहचान, परिसंपत्तियों के निर्माण, ऑनलाइन उपस्थिति (एनएमएमएस), युक्त धारा पोर्टल से कार्य स्वीकृति, समय पर मजदूरी भुगतान और योजना में पारदर्शिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य जनप्रतिनिधियों की क्षमता बढ़ाकर ग्राम स्तर पर योजना का प्रभावी संचालन सुनिश्चित करना है।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अभिषेक अग्रवाल ने प्रशिक्षण में कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना है और इसमें ग्राम पंचायतों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सरपंचों से योजना को पूरी गंभीरता और सक्रियता के साथ लागू कर गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि महात्मा गांधी नरेगा में कई संशोधनों के बाद विकसित भारत जी-राम-जी योजना लागू की गई है, जो जिले में 2 जुलाई 2026 से प्रभावी है।
प्रशिक्षण के दौरान जिला पंचायत के सहायक परियोजना अधिकारी विनायक गुप्ता, तकनीकी समन्वयक अशोक झारिया और कार्यक्रम अधिकारी लवकेश मरकाम ने योजना के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। बड़ी संख्या में सरपंच इसमें शामिल हुए।
जिला पंचायत व जनपद सदस्यों का भी प्रशिक्षण
जिला पंचायत अध्यक्ष ईश्वरी साहू सहित सभी जिला पंचायत सदस्यों का प्रशिक्षण राज्य स्तर पर निमोरा स्थित ठाकुर प्यारेलाल ग्रामीण विकास संस्थान में आयोजित किया गया। वहीं कवर्धा, बोड़ला, सहसपुर लोहारा और पंडरिया के जनपद पंचायत सदस्यों का संभाग स्तरीय प्रशिक्षण दुर्ग में चल रहा है। इसमें नई योजना के प्रावधानों, जनप्रतिनिधियों की भूमिका और ग्रामीण विकास की कार्ययोजना पर विस्तार से जानकारी दी जा रही है।
जिला प्रशासन के अनुसार, विकसित भारत जी-राम-जी योजना की कार्ययोजना तैयार करने और उसके सफल क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए विभिन्न स्तरों पर यह प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है।


