प्रोजेक्ट ‘सहारा’ से 1739 दिव्यांगजनों को मिला सशक्तीकरण का सहारा : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

3.58 करोड़ रुपये के सहायक उपकरण वितरित, दिव्यांगजनों के सम्मान और आत्मनिर्भरता के लिए सरकार प्रतिबद्ध

रायपुर, 3 अगस्त। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि किसी भी संवेदनशील और विकसित समाज की पहचान इस बात से होती है कि वहां प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर, सम्मान और आगे बढ़ने का अधिकार मिले। दिव्यांगजन समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और उनकी प्रतिभा एवं क्षमता को अवसर उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री श्री साय राजधानी रायपुर स्थित सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित प्रोजेक्ट ‘सहारा’ के अंतर्गत दिव्यांगजन सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने दिव्यांगजनों के लिए 3 करोड़ 58 लाख रुपये के सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि इस पहल से 1739 दिव्यांगजन लाभान्वित हो रहे हैं।

‘दिव्यांग’ शब्द ने बदली समाज की सोच : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने दिव्यांगजनों के प्रति देश की सोच में सकारात्मक बदलाव लाने का ऐतिहासिक कार्य किया है। उन्होंने ‘दिव्यांग’ शब्द देकर सम्मान और आत्मगौरव का नया भाव दिया। यह केवल शब्द परिवर्तन नहीं, बल्कि समाज के दृष्टिकोण में परिवर्तन है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को आत्मसात करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार दिव्यांगजनों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
मोटराइज्ड ट्राई साइकिल सहित विभिन्न उपकरणों का वितरण
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राई साइकिल, ट्राई साइकिल, व्हीलचेयर, हियरिंग एड, कृत्रिम हाथ-पैर, वैशाखी, वॉकिंग स्टिक सहित अन्य आधुनिक सहायक उपकरण वितरित किए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये उपकरण केवल सहायता सामग्री नहीं हैं, बल्कि दिव्यांगजनों के आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और स्वावलंबन की नई शुरुआत हैं। इनके माध्यम से दिव्यांगजन शिक्षा, रोजगार, आवागमन और दैनिक जीवन के कार्यों में अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगे।
बलबीर सिंह जुनेजा स्टेडियम के लिए 7 करोड़ रुपये की घोषणा
मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम के जीर्णोद्धार, मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण के लिए 7 करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि खेल अधोसंरचना का विकास खिलाड़ियों के साथ-साथ सामाजिक और जनहितकारी आयोजनों के लिए भी महत्वपूर्ण है।
रायपुर में स्क्रीनिंग से चिन्हित हुए 1600 से अधिक दिव्यांगजन
मुख्यमंत्री ने बताया कि रायपुर जिले में विशेष अभियान चलाकर दिव्यांगजनों की व्यापक स्क्रीनिंग की गई, जिसमें 1600 से अधिक दिव्यांगजनों की पहचान की गई। भारत सरकार से प्राप्त राशि के माध्यम से सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि पहले चरण में 500 से 600 दिव्यांगजनों को उपकरण वितरित किए जा चुके हैं, जबकि आज 1000 से अधिक हितग्राहियों को उपकरण प्रदान किए गए। इस प्रकार कुल 1739 दिव्यांगजन प्रोजेक्ट ‘सहारा’ से लाभान्वित हो रहे हैं।
दिव्यांग कल्याण के लिए कई योजनाएं संचालित
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों के लिए सहायक उपकरण वितरण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, शिक्षा एवं रोजगार में आरक्षण, कौशल विकास, पुनर्वास सहित कई योजनाओं का संचालन कर रही है। सरकार का प्रयास है कि कोई भी पात्र दिव्यांगजन शासन की सुविधाओं से वंचित न रहे।
उन्होंने कहा कि सुशासन का उद्देश्य नागरिकों तक सेवाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना है। इसी दिशा में ‘सेवा सेतु’ एप के माध्यम से 36 विभागों की 500 से अधिक सेवाएं घर बैठे उपलब्ध कराई जा रही हैं तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से शिकायतों का समाधान किया जा रहा है।
रायपुर प्रशासन के नवाचारों की सराहना
मुख्यमंत्री ने रायपुर जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट धड़कन, प्रोजेक्ट सुरक्षा, प्रोजेक्ट रेडक्रॉस, प्रोजेक्ट दधीचि, प्रोजेक्ट जिंदगी मुस्कुराएगी, प्रोजेक्ट निःक्षय मित्र, प्रोजेक्ट वंदन और प्रोजेक्ट गोल्डन आवर जैसे नवाचारों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि इसी श्रृंखला में प्रोजेक्ट ‘सहारा’ दिव्यांगजनों के जीवन में नई आशा, सुविधा और आत्मविश्वास लेकर आया है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रोजेक्ट सरल एवं प्रोजेक्ट गोल्डन आवर का शुभारंभ किया तथा “नवाचार से प्रगति पथ पर अग्रसर रायपुर” कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया।
इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा, तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायकगण, जिला पंचायत अध्यक्ष, वरिष्ठ अधिकारी, समाजसेवी, दिव्यांगजन एवं उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


