भोरमदेव पदयात्रा कल: 18 किमी पैदल चलकर भोलेनाथ के दरबार पहुंचेंगे हजारों श्रद्धालु, प्रशासन ने की व्यापक तैयारियां

भोरमदेव पदयात्रा कल: 18 किमी पैदल चलकर भोलेनाथ के दरबार पहुंचेंगे हजारों श्रद्धालु, प्रशासन ने की व्यापक तैयारियां
कवर्धा, 2 अगस्त 2026। सावन के प्रथम सोमवार 3 अगस्त को ऐतिहासिक एवं जनआस्था के केंद्र भोरमदेव मंदिर के लिए भव्य पदयात्रा निकाली जाएगी। सुबह 7 बजे कवर्धा स्थित बूढ़ा महादेव मंदिर से प्रारंभ होने वाली 18 किलोमीटर लंबी पदयात्रा में हजारों शिवभक्त “हर-हर महादेव” और “बोलबम” के जयघोष के साथ भगवान भोलेनाथ के दर्शन एवं जलाभिषेक के लिए रवाना होंगे।

कलेक्टर गोपाल वर्मा ने जिले के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक एवं व्यापारिक संगठनों सहित आम नागरिकों से पदयात्रा में शामिल होने की अपील की है। साथ ही, कबीरधाम जिले में पूर्व में सेवाएं दे चुके राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस धार्मिक आयोजन में आमंत्रित किया गया है।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की मंशानुसार जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। पूरी पदयात्रा के दौरान एम्बुलेंस साथ चलेगी तथा मेडिकल बूथों पर स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था रहेगी। भोरमदेव मंदिर परिसर के आसपास कांवरियों के ठहरने के लिए विश्रामालय तैयार किए गए हैं। धार्मिक वातावरण को और भक्तिमय बनाने के लिए पदयात्रा में डीजे साउंड की भी व्यवस्था रहेगी।

पदयात्रा मार्ग पर समनापुर, बरपेलाटोला, कोडार, राजानवागांव, बाघुटोला, छपरी (गौशाला) तथा भोरमदेव मंदिर परिसर सहित विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए शीतल पेयजल एवं जलपान की व्यवस्था की गई है।
पदयात्रा समाप्त होने के बाद श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भोरमदेव से कवर्धा तक निःशुल्क बस सेवा उपलब्ध रहेगी। सुरक्षा और सुचारु यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए समनापुर से भोरमदेव तक चारपहिया वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इस दौरान लालपुर–सरोधा–भोरमदेव मार्ग को वैकल्पिक मार्ग के रूप में उपयोग किया जाएगा।
सावन माह के प्रत्येक सोमवार को भोरमदेव मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क भंडारा एवं प्रसादी वितरण किया जाएगा। व्रतधारियों के लिए विशेष फलाहार की व्यवस्था भी रहेगी।
इस वर्ष पदयात्रा को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए भगवान शिव, भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक संदेशों पर आधारित भव्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक झांकियां भी निकाली जाएंगी, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेंगी।
यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया गया है। छपरी स्कूल परिसर, ग्राम छपरी के अन्य निर्धारित स्थानों तथा भोरमदेव मेला स्थल पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। पुलिस प्रशासन ने श्रद्धालुओं एवं वाहन चालकों से निर्धारित डायवर्सन एवं यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है।

