वैज्ञानिक प्रसंस्करण से किसानों को मिलेगी नई पहचान, धमतरी में माइक्रो फूड प्रोसेसिंग इन्क्यूबेशन सेंटर का लोकार्पण
रायपुर/धमतरी, 30 जुलाई 2026। धमतरी जिले के कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) में स्थापित माइक्रो फूड प्रोसेसिंग इन्क्यूबेशन सेंटर का लोकार्पण राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तथा उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने किया। इस अवसर पर खाद्य प्रसंस्करण विषय पर आयोजित तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन भी हुआ। यह सेंटर किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों, एफपीओ और युवाओं को आधुनिक मशीनरी, उत्पाद परीक्षण, पैकेजिंग तथा कौशल प्रशिक्षण की साझा सुविधा उपलब्ध कराएगा।
मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि कृषि और उद्यानिकी उत्पादों का वैज्ञानिक प्रसंस्करण किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्रों को ग्रामीण उद्यमिता के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना के माध्यम से महिला स्व-सहायता समूहों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) और युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
मंत्री ने इन्क्यूबेशन सेंटर में स्थापित आधुनिक मशीनों का अवलोकन किया तथा प्रशिक्षणार्थियों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि यह केंद्र स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और आधुनिक प्रोसेसिंग तकनीकों का प्रशिक्षण देकर ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगा।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि यह केंद्र जिले के कृषि एवं उद्यानिकी उत्पादों के मूल्य संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे स्थानीय उत्पादों को नया बाजार मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार एवं उद्यमिता के अवसर बढ़ेंगे।
तीन दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों और युवाओं को खाद्य प्रसंस्करण, गुणवत्ता नियंत्रण, स्वच्छता, आधुनिक पैकेजिंग एवं लेबलिंग, एफएसएसएआई के मानकों तथा विपणन एवं ब्रांडिंग के व्यावहारिक पहलुओं का प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम में महापौर रामू रोहरा, पूर्व विधायक रंजना दीपेंद्र साहू, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक (विस्तार सेवाएं), कृषि महाविद्यालय की अधिष्ठाता, खाद्य प्रसंस्करण विभागाध्यक्ष, जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक सहित बड़ी संख्या में कृषि वैज्ञानिक, अधिकारी, किसान एवं महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याएं उपस्थित रहीं।

