अवैध उर्वरक-कीटनाशक कारोबार पर बड़ी कार्रवाईबिना लाइसेंस चल रहे दो गोदाम सील, भारी मात्रा में सामग्री जब्त; दोषियों पर होगी एफआईआर

अवैध उर्वरक-कीटनाशक कारोबार पर बड़ी कार्रवाई
बिना लाइसेंस चल रहे दो गोदाम सील, भारी मात्रा में सामग्री जब्त; दोषियों पर होगी एफआईआर

रायपुर। किसानों को गुणवत्तायुक्त कृषि आदान उपलब्ध कराने और नकली व अमानक उर्वरक-कीटनाशकों के कारोबार पर रोक लगाने के लिए कृषि विभाग ने प्रदेशभर में अभियान तेज कर दिया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर दुर्ग जिले में कृषि विभाग के उड़नदस्ता दल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बिना वैध लाइसेंस के उर्वरक और कीटनाशक का निर्माण, भंडारण एवं विक्रय करने वाले दो गोदामों को सील कर दिया है।
दुर्ग जिले के ग्राम चिंगरी (अंडा) में कलेक्टर अभिजीत सिंह के मार्गदर्शन में जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल ने यह कार्रवाई की। जांच के दौरान बिना अनुज्ञप्ति के जैव उत्प्रेरक और कीटनाशकों का निर्माण एवं भंडारण किए जाने का मामला सामने आया।
चन्द्राकर किराना स्टोर्स परिसर में मिला अवैध कारोबार
उड़नदस्ता दल को ग्राम चिंगरी स्थित चन्द्राकर किराना स्टोर्स परिसर में अवैध रूप से जैव उत्प्रेरक एवं कीटनाशकों के निर्माण और भंडारण की सूचना मिली थी। निरीक्षण के दौरान गोदाम बंद मिला। इसके बाद गोदाम के किरायेदार वरुण त्रिपाठी को मौके पर बुलाया गया, लेकिन सहयोग नहीं मिलने पर मकान मालिक, पंचों और ग्रामीणों की मौजूदगी में पंचनामा तैयार कर गोदाम का ताला खुलवाया गया।
निरीक्षण में गोदाम के अंदर जैव उत्प्रेरक और कीटनाशक निर्माण के लिए कच्चा माल, तैयार उत्पाद, पैकिंग मशीनें और बड़ी मात्रा में रॉ मटेरियल मिला।
नियमों के उल्लंघन का खुलासा
जांच में उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 और कीटनाशक अधिनियम एवं नियमों के कई प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया। बिना वैध लाइसेंस व्यवसाय संचालन, बिना मानक के उर्वरक निर्माण, आवश्यक दस्तावेजों का संधारण नहीं करना, बिना स्रोत के कीटनाशकों का भंडारण और निरीक्षण में असहयोग जैसे मामले सामने आए।
भारी मात्रा में सामग्री और मशीनरी जब्त
कार्रवाई के दौरान जैव उत्प्रेरक, कीटनाशक, उर्वरक, रसायनों से भरे ड्रम, कच्चा माल, पैकिंग एवं सीलिंग मशीन सहित अन्य उपकरण जब्त किए गए। सभी सामग्री को संबंधित अधिनियमों के तहत जब्त कर गोदामों को सील कर दिया गया है।
दोषियों पर दर्ज होगी एफआईआर
कृषि विभाग ने संबंधित संचालकों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955, उर्वरक (नियंत्रण) आदेश, 1985 और कीटनाशक अधिनियम, 1968 के तहत एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले में आगे नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वालों पर होगी सख्ती
उप संचालक कृषि संदीप भाई ने कहा कि किसानों को नकली, अमानक या महंगे कृषि आदान बेचने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। कालाबाजारी, कृत्रिम कमी पैदा करने और नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं एवं निर्माताओं के लाइसेंस निलंबित या निरस्त किए जाएंगे।
उन्होंने उर्वरक विक्रेताओं और सहकारी समितियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों को निर्धारित दर पर ही खाद उपलब्ध कराई जाए। अधिक मूल्य वसूली या किसी भी तरह की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
खरीफ सीजन में जारी रहेगा अभियान
कृषि विभाग ने बताया कि खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों और कीटनाशकों की उपलब्धता, गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। किसानों से अपील की गई है कि नकली या अमानक कृषि आदान अथवा अधिक कीमत पर बिक्री की जानकारी मिलने पर तत्काल कृषि विभाग को सूचना दें।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और अवैध कृषि कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ प्रदेशभर में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।


