राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण के 81वें दौर की शुरुआत, प्रवासन, ऋण और कृषि परिवारों पर जुटाए जाएंगे अहम आंकड़े

रायपुर, 21 जुलाई 2026। भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (MoSPI) के मार्गदर्शन में तथा आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय, छत्तीसगढ़ द्वारा राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण (एनएसएस) के 81वें दौर के अंतर्गत प्रवासन सर्वेक्षण, अखिल भारतीय ऋण एवं निवेश सर्वेक्षण (AIDIS) तथा कृषि परिवारों का स्थिति आकलन सर्वेक्षण (SAS) का क्षेत्रीय कार्य जुलाई 2026 से शुरू कर दिया गया है। यह सर्वेक्षण जून 2027 तक संचालित किया जाएगा।
इन राष्ट्रीय महत्व के सर्वेक्षणों का उद्देश्य राज्य और देश की सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों से जुड़े विश्वसनीय आंकड़े एकत्रित करना है, ताकि साक्ष्य-आधारित नीतियों और विकास योजनाओं का प्रभावी निर्माण किया जा सके।
प्रवासन के कारणों और प्रभावों का होगा अध्ययन
प्रवासन सर्वेक्षण के तहत लोगों और परिवारों के एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने के कारण, प्रवास की अवधि, रोजगार, शिक्षा, विवाह तथा अन्य सामाजिक-आर्थिक पहलुओं से संबंधित जानकारी जुटाई जाएगी। इससे देश में बदलते प्रवासन रुझानों और उनके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों का बेहतर आकलन किया जा सकेगा।
परिवारों की आर्थिक स्थिति का मिलेगा व्यापक आकलन
अखिल भारतीय ऋण एवं निवेश सर्वेक्षण (AIDIS) के माध्यम से परिवारों की ऋणग्रस्तता, ऋण के स्रोत, निवेश, परिसंपत्तियों और देनदारियों से जुड़ी जानकारी एकत्रित की जाएगी। इन आंकड़ों से वित्तीय समावेशन और नागरिकों की आर्थिक स्थिति का समग्र मूल्यांकन संभव होगा।
कृषि परिवारों की आय और जीवन स्तर पर विशेष फोकस
कृषि परिवारों का स्थिति आकलन सर्वेक्षण (SAS) के तहत किसानों की आय, कृषि एवं संबद्ध गतिविधियां, खेती की लागत, उपलब्ध संसाधन, ऋण की स्थिति और जीवन स्तर का अध्ययन किया जाएगा। सर्वेक्षण के निष्कर्ष कृषि नीतियों और किसान कल्याण योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक होंगे।
टैबलेट आधारित डिजिटल प्रणाली से होगा सर्वेक्षण
सर्वेक्षण कार्य प्रशिक्षित प्रगणकों और पर्यवेक्षकों द्वारा चयनित ग्रामीण एवं शहरी परिवारों से टैबलेट आधारित CAPI (Computer Assisted Personal Interviewing) प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। इससे आंकड़ों का संग्रहण अधिक सटीक, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित होगा।
आर्थिक एवं सांख्यिकी संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि सर्वेक्षण के दौरान प्राप्त सभी जानकारियां सांख्यिकी अधिनियम, 2008 के प्रावधानों के अनुसार पूरी तरह गोपनीय रखी जाएंगी तथा उनका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
संचालनालय ने राज्य के चयनित परिवारों से अपील की है कि वे सर्वेक्षण दल को सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराकर इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में सक्रिय सहयोग दें, ताकि प्राप्त आंकड़ों के आधार पर राज्य और देश के विकास के लिए अधिक प्रभावी जनकल्याणकारी योजनाएं तैयार की जा सकें।

