एचपीवी टीकाकरण में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही प्रदेश में अव्वल, विशेष अभियान में सर्वाधिक बालिकाओं को लगी वैक्सीन

रायपुर। एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा 17 जुलाई को आयोजित विशेष टीकाकरण दिवस पर जिले में सर्वाधिक पात्र बालिकाओं का टीकाकरण किया गया। यह उपलब्धि सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
13 से 18 जुलाई तक आयोजित विशेष एचपीवी टीकाकरण सप्ताह के तहत 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन लगाई जा रही है। अभियान की शुरुआत विकासखंड गौरेला के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नेवसा और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चुकतीपानी से की गई। जिले को राज्य स्तर से 3,893 बालिकाओं के टीकाकरण का लक्ष्य मिला है।
विशेष टीकाकरण दिवस पर जिले के 74 विद्यालयों में स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने अभियान चलाया। इस दौरान लगभग 809 बालिकाओं का ऑनलाइन और 1,100 बालिकाओं का ऑफलाइन पंजीकरण कर टीकाकरण किया गया। इस प्रदर्शन के साथ गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले ने पूरे प्रदेश में सर्वाधिक एचपीवी टीकाकरण का रिकॉर्ड दर्ज किया।
अभियान की सफलता में जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और शिक्षा विभाग के समन्वित प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कलेक्टर विजय दयाराम के. के मार्गदर्शन में संचालित अभियान में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रामेश्वर शर्मा, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास गोपेश मनहर सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, चिकित्सा अधिकारी, शिक्षक एवं विद्यालय प्रबंधन ने सक्रिय सहयोग दिया।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार विद्यालय आधारित इस अभियान के माध्यम से बालिकाओं और उनके अभिभावकों को एचपीवी संक्रमण, सर्वाइकल कैंसर से बचाव तथा टीकाकरण के महत्व के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है। विभाग का मानना है कि यह अभियान भविष्य में गंभीर बीमारियों की रोकथाम के साथ किशोरियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के प्रयासों के तहत ऐसे अभियान लगातार संचालित किए जा रहे हैं।


