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स्मार्ट मीटर से नहीं बढ़ता बिजली बिल, बढ़ती है पारदर्शिता और बचत की संभावना

रीयल टाइम खपत की जानकारी से उपभोक्ता कर सकते हैं बिजली उपयोग नियंत्रित, ‘मोर बिजली’ ऐप बना प्रभावी माध्यम

रायपुर, 16 जुलाई 2026। स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर उपभोक्ताओं में फैली भ्रांतियों को दूर करते हुए विद्युत विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर बिजली का बिल नहीं बढ़ाता, बल्कि वास्तविक बिजली खपत के आधार पर सटीक बिल तैयार करता है। विभाग के अनुसार यदि किसी उपभोक्ता का बिल बढ़ा है तो उसका मुख्य कारण बिजली की अधिक खपत और उच्च टैरिफ स्लैब में पहुंचना है, न कि स्मार्ट मीटर।

विभाग ने बताया कि स्मार्ट मीटर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह उपभोक्ताओं को रीयल टाइम में बिजली खपत की जानकारी उपलब्ध कराता है। ‘मोर बिजली’ ऐप के माध्यम से उपभोक्ता हर आधे घंटे की बिजली खपत देख सकते हैं। इससे यह आसानी से पता लगाया जा सकता है कि कौन-से विद्युत उपकरण सबसे अधिक बिजली खर्च कर रहे हैं और किन उपायों से बिजली की बचत की जा सकती है।

विशेषज्ञों के अनुसार पहले उपभोक्ताओं को पूरे महीने की बिजली खपत का पता केवल बिल आने के बाद चलता था, जबकि स्मार्ट मीटर की मदद से अब पूरे महीने खपत की लगातार निगरानी की जा सकती है। इससे अनावश्यक बिजली उपयोग पर नियंत्रण संभव होता है और बिजली बिल कम करने में मदद मिलती है।

विद्युत विभाग ने बताया कि प्रदेश में बिजली दरें निर्धारित स्लैब के अनुसार लागू हैं। 0 से 100 यूनिट तक 4.40 रुपये प्रति यूनिट, 101 से 200 यूनिट तक 4.50 रुपये, 201 से 400 यूनिट तक 6.00 रुपये, 401 से 600 यूनिट तक 7.00 रुपये तथा 601 यूनिट से अधिक खपत पर 8.80 रुपये प्रति यूनिट की दर निर्धारित है। जैसे ही बिजली की खपत अगले स्लैब में पहुंचती है, बिल स्वाभाविक रूप से बढ़ जाता है। इसका स्मार्ट मीटर से कोई संबंध नहीं है।

विभाग के अनुसार इस वर्ष अप्रैल, मई और जून में भीषण गर्मी के कारण अधिकांश घरों में एसी, कूलर और अन्य विद्युत उपकरणों का उपयोग बढ़ा, जिससे बिजली की खपत में वृद्धि हुई और कई उपभोक्ताओं के बिल भी अधिक आए। यह पूरी तरह मौसम और बढ़ी हुई खपत का परिणाम है।

स्मार्ट मीटर का एक महत्वपूर्ण लाभ यह भी है कि उपभोक्ता अपनी मासिक बिजली खपत पर नजर रखते हुए उसे 400 यूनिट से कम बनाए रखने की योजना बना सकते हैं। इससे राज्य सरकार की हाफ बिजली योजना का लाभ मिलता रहता है। यदि खपत 400 यूनिट से अधिक हो जाती है तो योजना का लाभ प्रभावित होता है और बिजली बिल बढ़ जाता है। विभाग का कहना है कि स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को समय रहते अपनी खपत नियंत्रित करने का अवसर देता है।

विद्युत विभाग ने बताया कि स्मार्ट मीटर से संबंधित प्राप्त शिकायतों की जांच में अधिकांश मामलों में मीटर सही पाया गया है। यदि किसी उपभोक्ता को मीटर संबंधी कोई शिकायत हो तो वह 1912 पर संपर्क कर सकता है।

विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे ‘मोर बिजली’ ऐप का अधिक से अधिक उपयोग करें, बिजली की खपत पर नियमित निगरानी रखें और ऊर्जा संरक्षण के उपाय अपनाकर बिजली बिल कम करें। साथ ही प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित कर बिजली बिल को काफी हद तक कम या शून्य करने का लाभ भी प्राप्त किया जा सकता है।

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