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दोकड़ा की ऐतिहासिक रथयात्रा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने निभाई गजपति महाराजा की परंपरा

भगवान श्री जगन्नाथ का रथ खींचकर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना, छेरा पहरा की परंपरा निभाकर दिया सेवा और समर्पण का संदेश

रायपुर, 16 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को जशपुर जिले के कांसाबेल विकासखंड स्थित ग्राम दोकड़ा में आयोजित ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव-2026 में शामिल होकर पारंपरिक गजपति महाराजा की भूमिका का निर्वहन किया। उन्होंने अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के साथ भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री ने परंपरागत छेरा पहरा की पावन रस्म निभाते हुए सोने की झाड़ू से भगवान के रथ के आगे मार्ग का प्रतीकात्मक रूप से मार्जन किया और चंदन मिश्रित पवित्र जल का छिड़काव किया। इसके बाद हजारों श्रद्धालुओं के साथ भगवान श्री जगन्नाथ के रथ की रस्सी खींचकर रथयात्रा का शुभारंभ किया। पूरे दोकड़ा क्षेत्र में “जय जगन्नाथ” के जयघोष, शंखध्वनि, भजन-कीर्तन और हरिनाम संकीर्तन से वातावरण भक्तिमय हो उठा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्रद्धालुओं को रथयात्रा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दोकड़ा की ऐतिहासिक रथयात्रा आस्था, संस्कृति और सनातन परंपराओं का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1942 से चली आ रही यह गौरवशाली परंपरा आज भी जनआस्था को नई ऊर्जा प्रदान कर रही है। जनसहयोग से मंदिर का जीर्णोद्धार हुआ और वर्ष 2025 में प्राण-प्रतिष्ठा के बाद यह दूसरी भव्य रथयात्रा है। उन्होंने दोकड़ावासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें गजपति महाराजा की परंपरा निभाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का भगवान श्री जगन्नाथ से सदियों पुराना आत्मीय संबंध रहा है। उन्होंने उल्लेख किया कि देवभोग का चावल आज भी पुरी के महाप्रसाद में उपयोग किया जाता है, जो दोनों क्षेत्रों के सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों का जीवंत प्रमाण है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की गारंटी के तहत प्रदेश में 11 लाख से अधिक प्रधानमंत्री आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। महतारी वंदन योजना की 29 किस्तें जारी की जा चुकी हैं तथा रामलला दर्शन और मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना के माध्यम से हजारों श्रद्धालु लाभान्वित हुए हैं। साथ ही राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सरचार्ज माफी योजना की अवधि तीन माह के लिए बढ़ा दी गई है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से नागरिकों की समस्याओं का चौबीसों घंटे त्वरित निराकरण किया जा रहा है, जबकि अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के जरिए ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाओं सहित 520 से अधिक शासकीय सेवाएं गांव स्तर पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जशपुर जिले को रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कार्य हो रहे हैं। धरमजयगढ़-लोहरदगा रेल परियोजना को स्वीकृति मिल चुकी है। वहीं जशपुर में मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति से स्वास्थ्य और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाओं का मार्ग प्रशस्त होगा।

रथयात्रा के दौरान ओडिशा की प्रसिद्ध कीर्तन मंडलियों ने भजन एवं संकीर्तन प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया। ढोल, मृदंग, झांझ और शंखध्वनि के बीच महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित हजारों श्रद्धालु भगवान श्री जगन्नाथ के जयघोष के साथ रथयात्रा में शामिल हुए।

इस अवसर पर पद्मश्री श्री जागेश्वर यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, श्री जगन्नाथ मंदिर आयोजन समिति के सदस्य तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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