जुगाड़ तकनीक से किसान ने बनाई सीड ड्रिल, आधुनिक खेती की नई मिसाल

रायपुर, 15 जुलाई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की कृषि नवाचार को बढ़ावा देने की पहल के तहत गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के ग्राम दरमोहली के प्रगतिशील किसान एवं लोक कलाकार भानुप्रताप उर्फ भानु रंगीला ने स्थानीय संसाधनों और जुगाड़ तकनीक से कम लागत वाली सीड ड्रिल तैयार कर आधुनिक खेती की नई मिसाल पेश की है। राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन (एनएमईओ-ऑयल) योजना के तहत कृषि विभाग से प्राप्त 80 किलोग्राम गुणवत्तायुक्त मूंगफली बीज का उपयोग करते हुए उन्होंने लगभग दो एकड़ क्षेत्र में वैज्ञानिक तरीके से बुवाई की।
भानुप्रताप ने पारंपरिक कृषि उपकरण को संशोधित कर सीड ड्रिल का रूप दिया, जिससे कम समय में समान दूरी पर बुवाई संभव हुई। इससे श्रम और बीज दोनों की बचत हुई तथा बेहतर अंकुरण की संभावना भी बढ़ी।
कृषि विभाग के अनुसार राज्य सरकार किसानों को उन्नत तकनीक, गुणवत्तायुक्त बीज और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर खेती को अधिक लाभकारी और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। उप संचालक कृषि श्री सत्यजीत कंवर ने कहा कि स्थानीय स्तर पर विकसित ऐसे नवाचार खेती की लागत घटाने और उत्पादन बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विभाग किसानों को आधुनिक तकनीकों के साथ-साथ स्थानीय नवाचारों को अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित कर रहा है।
जिला प्रशासन और कृषि विभाग का मानना है कि सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, किसानों की रचनात्मक सोच और स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग मिलकर कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। भानुप्रताप का यह मॉडल अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा बन रहा है और आत्मनिर्भर एवं आधुनिक कृषि की दिशा में छत्तीसगढ़ की बढ़ती प्रगति को दर्शाता है।

