अकादमिक सशक्तिकरण, रोजगार सृजन और कर्मचारी हितों के साथ आगे बढ़ता छत्तीसगढ़
उच्च शिक्षा में सुधारों की नई इबारत
लेखक : विष्णु प्रसाद वर्मा
सहायक संचालक
किसी भी राज्य की प्रगति का वास्तविक आधार उसकी शिक्षा व्यवस्था होती है। उच्च शिक्षा केवल डिग्री प्रदान करने का माध्यम नहीं, बल्कि भविष्य के नेतृत्व, नवाचार और सामाजिक परिवर्तन की नींव है। जब शिक्षकों को समय पर पदोन्नति, युवाओं को रोजगार के अवसर, कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा और शोध को प्रोत्साहन मिलता है, तब शिक्षा व्यवस्था मजबूत होती है और उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे समाज पर दिखाई देता है।
छत्तीसगढ़ में उच्च शिक्षा विभाग ने हाल के समय में इसी सोच के साथ व्यापक सुधारों की दिशा में उल्लेखनीय कदम उठाए हैं। विभाग ने अकादमिक गुणवत्ता, प्रशासनिक दक्षता, रोजगार सृजन, शोध संवर्धन और कर्मचारी कल्याण को समान प्राथमिकता देते हुए अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। इन प्रयासों ने उच्च शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने के साथ-साथ युवाओं और कर्मचारियों में विश्वास भी मजबूत किया है।
पदोन्नति से मजबूत हुआ शैक्षणिक नेतृत्व
राज्य सरकार ने वर्षों से लंबित पदोन्नति प्रकरणों का निराकरण करते हुए वर्ष 2025 में 362 सहायक प्राध्यापकों को प्राध्यापक (प्रोफेसर) के पद पर पदोन्नत किया। इसके अलावा 152 प्राध्यापकों को स्नातक महाविद्यालयों का प्राचार्य तथा 7 प्राचार्यों को स्नातकोत्तर महाविद्यालयों का प्राचार्य बनाया गया। इन निर्णयों से महाविद्यालयों को अनुभवी नेतृत्व मिला है, जिससे शैक्षणिक गुणवत्ता और प्रशासनिक कार्यक्षमता दोनों मजबूत होंगी।
भर्ती से युवाओं को मिलेगा रोजगार
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए पर्याप्त शिक्षकों और विशेषज्ञों की उपलब्धता आवश्यक है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार ने 595 प्राध्यापक पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है।
इसके अतिरिक्त 700 नए पदों को स्वीकृति दी गई है, जिनमें—
- 625 सहायक प्राध्यापक
- 50 ग्रंथपाल
- 25 क्रीड़ाधिकारी
के पद शामिल हैं। इससे न केवल शिक्षण व्यवस्था सुदृढ़ होगी, बल्कि प्रदेश के युवाओं के लिए सरकारी सेवा में रोजगार के नए अवसर भी उपलब्ध होंगे।
CG-SET से युवाओं को मिलेगा अवसर
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 4 अक्टूबर 2026 को छत्तीसगढ़ राज्य पात्रता परीक्षा (CG-SET) आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा सहायक प्राध्यापक बनने की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर होगी और राज्य में अकादमिक प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का सशक्त माध्यम बनेगी।
प्रयोगशालाओं को मिला तकनीकी आधार
वर्ष 2025-26 के दौरान विभाग ने 247 प्रयोगशाला तकनीशियनों तथा 399 प्रयोगशाला परिचारकों को नियुक्ति प्रदान की है। इससे विज्ञान एवं तकनीकी विषयों की प्रयोगशालाओं का संचालन अधिक प्रभावी होगा और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण व्यावहारिक प्रशिक्षण मिल सकेगा।
कर्मचारियों को मिला आर्थिक और सेवा सुरक्षा का लाभ
उच्च शिक्षा विभाग ने कर्मचारियों के लंबित मामलों का समाधान करते हुए 72 सहायक प्राध्यापकों को प्रथम नियुक्ति तिथि से वरिष्ठ, प्रवर श्रेणी एवं पे-बैंड-4 का लाभ प्रदान किया तथा 37.23 करोड़ रुपये की एरियर राशि उनके खातों में अंतरित की।
वहीं, वर्ष 2021 एवं 2022 में नियुक्त लगभग 1168 सहायक प्राध्यापकों में से 935 प्राध्यापकों की परिवीक्षा अवधि समाप्त कर उन्हें सेवा स्थायित्व प्रदान किया गया।
शोध और कर्मचारी कल्याण पर विशेष ध्यान
उच्च शिक्षा में अनुसंधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 577 सहायक प्राध्यापकों को पीएचडी करने की अनुमति दी गई है। इससे महाविद्यालयों में शोध संस्कृति को नई गति मिलेगी और विद्यार्थियों को अद्यतन ज्ञान उपलब्ध होगा।
साथ ही, दिवंगत कर्मचारियों के 34 आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की गई तथा 324 कर्मचारियों को उच्चतर समयमान वेतनमान का लाभ दिया गया। विभाग ने वर्ष 2024-25 की पदोन्नति संबंधी कार्यवाहियां भी समय-सीमा में पूर्ण कीं।
समग्र सुधार की ओर बढ़ता छत्तीसगढ़
उच्च शिक्षा विभाग के ये निर्णय केवल प्रशासनिक उपलब्धियां नहीं हैं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। पदोन्नति, भर्ती, शोध, तकनीकी संसाधनों का विस्तार, कर्मचारी कल्याण और सेवा सुरक्षा जैसे प्रयास मिलकर उच्च शिक्षा का एक मजबूत मॉडल तैयार कर रहे हैं।
आने वाले वर्षों में यही पहल छत्तीसगढ़ के महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों को ज्ञान, नवाचार, अनुसंधान और सामाजिक परिवर्तन के प्रभावी केंद्रों के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।



