शाला प्रवेश उत्सव में शामिल हुए मंत्री राजेश अग्रवाल, विद्यार्थियों का किया स्वागत

रायपुर। पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने सरगुजा जिले के पीएम श्री स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी विद्यालय, लखनपुर तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, मेण्ड्राकला में आयोजित शाला प्रवेश उत्सव में शामिल होकर नवप्रवेशी विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने विद्यार्थियों को मिठाई खिलाई, अध्ययन सामग्री वितरित की तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

मंत्री ने कहा कि शिक्षा विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे मजबूत नींव है। प्रत्येक बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, बेहतर संसाधन और प्रेरणादायी वातावरण उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि आज का विद्यार्थी ही भविष्य के विकसित और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ का निर्माण करेगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नवाचार और गुणवत्तापूर्ण सुविधाओं का विस्तार कर रही है। विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन, अनुशासन और परिश्रम को जीवन का आधार बनाने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि शिक्षा ही व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का सबसे सशक्त माध्यम है।
लखनपुर स्थित पीएम श्री स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी विद्यालय में मंत्री ने विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री वितरित कर मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही शिक्षकों और अभिभावकों से बच्चों के सर्वांगीण विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मेण्ड्राकला में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री ने छात्राओं को साइकिल वितरित कर उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा कि साइकिल वितरण जैसी योजनाएं बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की सराहना करते हुए मंत्री ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ खेल, संस्कृति और रचनात्मक गतिविधियां विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने विद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। उन्होंने सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, शिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

