गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में किसानों को समय पर मिल रहे बीज और खाद, खरीफ की तैयारियों को मिली रफ्तार
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार खरीफ सीजन 2026 के लिए किसानों को समय पर बीज और उर्वरक उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दे रही है। कृषि विभाग एवं सहकारिता विभाग के समन्वित प्रयासों से गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में प्रमाणित बीज और उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण एवं निर्बाध वितरण सुनिश्चित किया गया है, जिससे खरीफ फसलों की बुवाई का कार्य सुचारु रूप से चल रहा है।
कृषि विभाग के अनुसार जिले में अब तक 5,201.42 टन उर्वरक का भंडारण किया गया है। इनमें से 2,800.87 टन उर्वरक किसानों को वितरित किए जा चुके हैं, जबकि 2,400.56 टन उर्वरक का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष जिले को कुल 4,214.115 टन उर्वरक प्राप्त हुआ था, जबकि इस वर्ष किसानों की मांग को देखते हुए अधिक भंडारण सुनिश्चित किया गया है।
खरीफ वर्ष 2026 के लिए जिले में 4,656.50 क्विंटल प्रमाणित बीज उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें से 3,649.42 क्विंटल बीज किसानों को वितरित किए जा चुके हैं, जबकि 1,007.08 क्विंटल बीज का सुरक्षित भंडार अभी भी उपलब्ध है। कृषि विभाग द्वारा बीजों की उपलब्धता और वितरण की नियमित समीक्षा की जा रही है ताकि किसी भी किसान को बीज की कमी का सामना न करना पड़े।
राज्य सरकार का उद्देश्य किसानों को खेती के प्रत्येक चरण में आवश्यक कृषि आदान समय पर उपलब्ध कराना है। कृषि विभाग बीजों की गुणवत्ता और उपलब्धता की सतत निगरानी कर रहा है, वहीं सहकारिता विभाग और सहकारी समितियों के माध्यम से उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। इससे खरीफ मौसम की तैयारियों को नई गति मिली है।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत सहकारी समितियों और अधिकृत विक्रय केंद्रों से ही प्रमाणित बीज एवं उर्वरक प्राप्त करें तथा वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर समय पर बुवाई करें, जिससे बेहतर उत्पादन और अधिक आय प्राप्त हो सके।



