सफल सर्जरी से भीमे हेमला के चेहरे पर लौटी मुस्कान

बीजापुर। जन्मजात होंठ की विकृति (क्लेफ्ट लिप) से पीड़ित 22 वर्षीय भीमे हेमला का जिला अस्पताल बीजापुर में सफल ऑपरेशन कर उन्हें नया जीवन मिला है। सफल सर्जरी के बाद अब वह सामान्य रूप से बोलने, भोजन करने और आत्मविश्वास के साथ जीवन जीने लगी हैं।

बासागुड़ा गांव की रहने वाली भीमे हेमला जन्म से क्लेफ्ट लिप की समस्या से जूझ रही थीं। इस कारण उन्हें भोजन करने, निगलने और स्पष्ट रूप से बोलने में काफी कठिनाई होती थी। यह समस्या उनके आत्मविश्वास और दैनिक जीवन को भी प्रभावित कर रही थी।
उपचार के लिए उन्होंने जिला अस्पताल बीजापुर में संपर्क किया, जहां ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. विभू तिवारी के नेतृत्व में स्थानीय एनेस्थीसिया के तहत उनकी सफल सर्जरी की गई। ऑपरेशन थिएटर के चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्य कर्मियों के समन्वित प्रयास से यह जटिल शल्य चिकित्सा सफलतापूर्वक पूरी हुई।
सर्जरी के बाद भीमे हेमला के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। अब उन्हें बोलने, निगलने और सामान्य रूप से भोजन करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होती। सफल उपचार से उनका आत्मविश्वास भी बढ़ा है और वे सामान्य एवं सम्मानजनक जीवन की ओर आगे बढ़ रही हैं।
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए कलेक्टर विश्वदीप के मार्गदर्शन तथा जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी नम्रता चौबे के सहयोग से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.आर. पुजारी और सिविल सर्जन डॉ. रत्ना ठाकुर के नेतृत्व में जिला अस्पताल बीजापुर में विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार किया गया है, जिससे दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों के मरीजों को अपने जिले में ही गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल रहा है।
भीमे हेमला ने बताया कि वह जन्म से इस समस्या से परेशान थीं। जिला अस्पताल बीजापुर में सफल इलाज के बाद अब वह आसानी से बोल और भोजन कर पा रही हैं। उन्होंने कहा कि उनके चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई है। इसके लिए उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार, डॉ. विभू तिवारी, जिला अस्पताल के चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और स्वास्थ्य कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया।


