एआई तकनीक से होगी पीएमजीएसवाई सड़कों की निगरानी, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा का बड़ा फैसला

रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत निर्मित ग्रामीण सड़कों की गुणवत्ता और रखरखाव को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का उपयोग करेगी। उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने पीएमजीएसवाई की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को एआई आधारित सड़क निरीक्षण प्रणाली को जल्द लागू करने के निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि नई व्यवस्था के तहत राज्य की प्रत्येक पीएमजीएसवाई सड़क का हर महीने वीडियो आधारित निरीक्षण किया जाएगा। इसके लिए विशेष एआई आधारित ऐप और डैशबोर्ड तैयार किया गया है। एआई तकनीक सड़क पर मौजूद गड्ढों, दरारों और अन्य क्षतियों की स्वतः पहचान कर उनका विश्लेषण करेगी, जिससे सड़कों की वास्तविक स्थिति की सटीक जानकारी उपलब्ध होगी और निगरानी व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी।
उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि एआई से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर सबसे अधिक क्षतिग्रस्त सड़कों की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता के साथ मरम्मत के लिए चुना जाएगा। इसके अनुसार बजट और संधारण कार्ययोजना तैयार कर शीघ्र मरम्मत कार्य शुरू किया जाएगा। इससे सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पायलट प्रोजेक्ट के रूप में अगले चरण से प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक-एक चयनित सड़क का एआई आधारित निरीक्षण शुरू किया जाए। प्रारंभिक परिणामों के विश्लेषण के बाद इस प्रणाली को पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। सरकार का मानना है कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से सड़कों की गुणवत्ता में सुधार होगा, उनकी आयु बढ़ेगी और समय पर मरम्मत से ग्रामीणों को बेहतर सड़क सुविधाएं मिलेंगी।
समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, सचिव भीम सिंह, सचिव धर्मेश साहू, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक तारन प्रकाश सिन्हा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के संचालक अश्वनी देवांगन सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



