कांग्रेस विधायकों ने नकटी में विधायक आवास लेने से किया इंकार, भाजपा विधायक मौन क्यों? -दीपक बैज

सत्ता के अहंकार में मानवता और नैतिकता तक भूल चुके हैं भाजपाई
रायपुर/03 जुलाई 2026। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार के नकटी में गरीबों का घर उजाड़कर विधायक आवास बनाने की योजना के खिलाफ मेरे अपील के बाद कांग्रेस के 13 विधायकों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय को पत्र लिखकर गरीबो का घर उजाड़ने का विरोध किया और नकटी में प्रस्तावित विधायक आवास लेने से इंकार किया है। विधायक आवास नकटी के बजाये किसी अन्य जगह पर खाली सरकारी जमीन पर बनाने की मांग की है। ये कांग्रेस विधायकों की नकटी के बेघर हुए मासूम बच्चे, बुजुर्गों, युवाओं, माता-बहनों के प्रति संवेदनशीलता है। लेकिन अब तक किसी भी भाजपा के विधायक ने नकटी में आवास नहीं लेने की घोषणा क्यों नहीं की? स्थानीय विधायक राजेश मूणत, मोतीलाल साहू, पुरन्दर मिश्रा, सुनील सोनी, खुशवंत साहेब, इंद्र कुमार साहू की संवेदनाएं क्या मर गई है? गरीबों की पीड़ा, उनके आंसू, उनकी बेबसी इन्हें नजर नहीं आ रही है? धरसींवा विधायक अनुज शर्मा का तो जमीर पहले ही मर चुका है उन्होंने नकटी की जनता को तो धोखा दिया ही है। सब कुछ ठीक होने का दावा कर उनके जख्मों पर नमक छिड़का है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद गरीबों के दुकानों और मकानों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है। रायपुर से लेकर बस्तर, सरगुजा, रायगढ़, राजनांदगांव सहित कोई ऐसा जिला, कस्बा और गांव बचा नही जहाँ ढाई साल में इस सरकार ने बुलडोजर नही चलाया हो। गरीबों का घर तोड़ना और पूँजीपतियो को जमीन सौंपना इस सरकार की नीति है। कांग्रेस गरीबों के घर उजाड़कर विकास कार्य के पक्षधर नहीं है। लेकिन भाजपा की बेरहम सरकार को नकटी गांव में बारिश के दिनों में घर उजाड़ने में रहम नहीं आया। मासूम बच्चों एवं बुजर्गाे को देखकर दिल नहीं पसीजा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि सत्ता के अहंकार में भाजपा विधायकों की मानवता मर चुकी है, नैतिकता खत्म हो गई है। पुनर्वास के जो दावे किए जा रहे हैं, वह भी पूरी तरह से झूठे हैं, प्रभावित परिवारों को धोखा दिया जा रहा है, बिजली, पानी और मूलभूत सुविधाएं तक नहीं है। ग्रामीण कलेक्ट्रेट से लेकर मंत्री बंगलों में प्रदर्शन कर रहे हैं, भरी बरसात में आंदोलित हैं लेकिन यह सरकार सोई हुई है। गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाना है इस सरकार का सुशासन है। कांग्रेस के दर्जनों विधायकों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर गरीबों से छीनी जा रही जमीन पर आवास लेने से मना किया है, ज़रा भी नैतिकता बाकि हो तो भाजपा के विधायक भी इस अत्याचार के खिलाफ आगे आए और नकटी में आवास लेने से इंकार करने का साहस दिखाए।

