सहकारिता से किसानों की बढ़ेगी आय, विकसित छत्तीसगढ़ की मजबूत होगी नींव : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय


राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन में 162 करोड़ की तेंदूपत्ता प्रोत्साहन राशि वितरण का शुभारंभ, 1352 नई सहकारी समितियों का गठन

रायपुर, 3 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सहकारिता किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का सबसे प्रभावी माध्यम बन रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गठित सहकारिता मंत्रालय ने देश में “सहकार से समृद्धि” के संकल्प को नई दिशा दी है। मुख्यमंत्री आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय सहकारी सम्मेलन एवं सहकारी सप्ताह कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संग्रहण वर्ष 2023 के 7.14 लाख तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए 162 करोड़ रुपये से अधिक की प्रोत्साहन पारिश्रमिक राशि के वितरण का शुभारंभ किया तथा उत्कृष्ट समितियों को सहकार प्रेरणा पुरस्कार से सम्मानित किया।

1352 नई सहकारी समितियों का गठन
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की कोई भी पंचायत सहकारिता से वंचित न रहे, इस लक्ष्य के साथ राज्य में 1352 नई सहकारी समितियों का गठन किया गया है। साथ ही सहकारिता विभाग के ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ भी किया गया, जिससे किसानों का पंजीयन अब पूरी तरह ऑनलाइन, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से होगा।
ब्याज मुक्त ऋण से किसानों को राहत
मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले किसानों को 16 से 18 प्रतिशत ब्याज पर ऋण लेना पड़ता था, जबकि अब सहकारी व्यवस्था और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के माध्यम से बिना ब्याज ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। इस वर्ष प्रदेश के 15 लाख से अधिक किसानों को 8 हजार करोड़ रुपये से अधिक का कृषि ऋण प्रदान किया गया है।
पशुपालन, दुग्ध, मत्स्य और वनोपज को भी मिलेगा बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सहकारिता अब केवल कृषि तक सीमित नहीं है। पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, वनोपज, मत्स्य पालन और ग्रामीण उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में भी सहकारी मॉडल को मजबूत किया जा रहा है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से प्रदेश में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं।

सहकारी स्टॉलों का किया अवलोकन
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न सहकारी संस्थाओं के प्रदर्शनी स्टॉलों का अवलोकन किया तथा किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों और वनधन समितियों द्वारा किए जा रहे नवाचारों की सराहना की। उन्होंने 5 नई पैक्स समितियों को माइक्रो एटीएम, छत्तीसगढ़ हर्बल्स के 5 नए उत्पादों का लोकार्पण, उत्कृष्ट तेंदूपत्ता संग्राहकों को प्रशस्ति पत्र, वन-धन समितियों की हैंडबुक का विमोचन तथा महिला स्व-सहायता समूहों को लाभांश और हितग्राहियों को सामग्री एवं केसीसी ऋण भी वितरित किए।
सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि पिछले दो वर्षों में छत्तीसगढ़ में सहकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुए हैं और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में इसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।


