एआई अपनाने वाले ही भविष्य का नेतृत्व करेंगे : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

एआई अपनाने वाले ही भविष्य का नेतृत्व करेंगे : वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी

रायपुर। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से डरने की नहीं, बल्कि उसे अवसर में बदलने की जरूरत है। जो एआई को अपनाएगा, वही भविष्य का नेतृत्व करेगा। युवाओं को बदलती तकनीक के अनुरूप स्वयं को तैयार करना होगा।
वे शुक्रवार को महाराजा अग्रसेन इंटरनेशनल कॉलेज (एमएआईसी) के दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन : ऑपर्च्युनिटीज, चैलेंजेज एंड फ्यूचर इम्पैक्ट” के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि दुनिया तेजी से ज्ञान, तकनीक और नवाचार आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रही है। भारत का स्वर्णिम इतिहास भी शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार की मजबूत नींव पर आधारित रहा है।
वित्त मंत्री ने कहा कि आज दुनिया की बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियां कई देशों की अर्थव्यवस्था से भी अधिक मूल्य की हो चुकी हैं। ऐसे में युवाओं को तकनीकी बदलाव को समझकर अपने कौशल को लगातार विकसित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एआई कई कार्यों को आसान बना सकता है, लेकिन मानवीय संवेदनशीलता, करुणा और मानवीय स्पर्श का विकल्प कभी नहीं बन सकता। इसलिए स्वास्थ्य, नर्सिंग और सेवा जैसे क्षेत्रों में भी युवाओं के लिए व्यापक संभावनाएं हैं।
उन्होंने युवाओं से केवल नौकरी तक सीमित नहीं रहने, बल्कि नवाचार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने तथा विश्वस्तरीय स्टार्टअप और तकनीकी कंपनियां स्थापित करने का लक्ष्य रखने का आह्वान किया।
ओ.पी. चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत @2047 विजन से प्रेरित होकर राज्य सरकार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ‘छत्तीसगढ़ अंजोर विजन @2047’ पर कार्य कर रही है। इसके तहत नवा रायपुर को तकनीक और नवाचार के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां सेमीकंडक्टर यूनिट, एआई डाटा सेंटर और ट्रिपल आईटी में अत्याधुनिक अनुसंधान सुविधाओं सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है।
कार्यक्रम के अंत में वित्त मंत्री ने सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए कॉलेज प्रबंधन, आयोजकों और प्रतिभागियों को बधाई देते हुए विश्वास जताया कि छत्तीसगढ़ के युवा तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल करेंगे।

