दलहन-तिलहन की समर्थन मूल्य पर खरीदी के साथ कृषक उन्नति योजना के तहत 15 हजार रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि
AP न्यूज़ विश्वराज ताम्रकार जिला KCG
खैरागढ़ : प्रदेश के किसानों की आय बढ़ाने तथा फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा दलहन-तिलहन फसलों सहित मक्का, कोदो, कुटकी, रागी एवं कपास की खेती को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण पहल की गई है। शासन द्वारा दलहन-तिलहन फसलों एवं कोदो की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदी की जाएगी। इसके अतिरिक्त कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत धान के स्थान पर अन्य फसल लेने वाले किसानों को 15,000 रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।
कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार पूर्व से खरीफ मौसम में दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी एवं कपास की खेती करने वाले किसानों को 10,000 रुपये प्रति एकड़ की दर से आदान सहायता राशि भी प्रदान की जा रही है। शासन का यह कदम दलहन एवं तिलहन उत्पादन बढ़ाने, धान पर राज्य की पारंपरिक निर्भरता कम करने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने तथा भूमि की उर्वरता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारत सरकार द्वारा विपणन वर्ष 2026-27 के लिए प्रमुख दलहन एवं तिलहन फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किए गए हैं। निर्धारित दरों के अनुसार तुअर (अरहर) का समर्थन मूल्य 8,450 रुपये प्रति क्विंटल, मूंग का 8,780 रुपये प्रति क्विंटल, उड़द का 7,800 रुपये प्रति क्विंटल तथा सोयाबीन का 5,708 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।
योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए एग्रीस्टेक, एकीकृत किसान पोर्टल तथा डिजिटल गिरदावरी प्रणाली को अनिवार्य किया गया है। इच्छुक किसानों को निर्धारित समय सीमा के भीतर एकीकृत किसान पोर्टल पर अपनी भूमि एवं बोई गई फसल का ऑनलाइन पंजीयन कराना होगा। राजस्व विभाग द्वारा गिरदावरी के माध्यम से फसल का भौतिक सत्यापन भी किया जाएगा।
कृषि विभाग के उप संचालक राजकुमार सोलंकी ने बताया कि प्रदेश शासन द्वारा किसानों को धान के साथ-साथ दलहन, तिलहन एवं अन्य वैकल्पिक फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। किसानों को इन फसलों का उचित मूल्य सुनिश्चित करने हेतु न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी की व्यवस्था की गई है। साथ ही कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत धान के स्थान पर अन्य फसल लेने वाले किसानों को 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे समय सीमा के भीतर एकीकृत किसान पोर्टल पर अपनी फसल का पंजीयन कराकर शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ प्राप्त करें।
योजना का लाभ जिले के सभी छोटे, सीमांत एवं बड़े किसानों को मिलेगा, बशर्ते उनकी भूमि का वैध रिकॉर्ड दर्ज हो। पंजीयन के लिए आधार कार्ड, भूमि संबंधी दस्तावेज (बी-1 एवं पी-2), डीबीटी सक्रिय बैंक खाता पासबुक तथा चालू मोबाइल नंबर आवश्यक होंगे। किसान अपनी फसल प्रविष्टि में संशोधन अथवा पंजीयन संबंधी जानकारी के लिए निकटतम प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अथवा विकासखंड कृषि कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।


