सरकार बताये कितने उर्वरक की डिमांड है, कितनी उपलब्धता है?
रायपुर/08 अप्रैल 2026। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि खरीफ सीजन आने वाला है। सरकार ने अभी तक उर्वरकों की व्यवस्था के बारे में निश्चिंत बनी हुई है। अभी तक सरकार को किसानों की जरूरत के अनुसार सोसायटियों से मांग का डाटा एकत्रित कर सभी सोसायटियों में खाद पहुंचाना शुरू कर देना चाहिए। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि सरकार बताये कि इस वर्ष कितने उर्वरकों की जरूरत का आंकलन किया गया तथा सरकार के पास कितनी उपलब्धता की व्यवस्था की गयी है?
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि पिछले खरीफ सीजन में राज्य के किसानों को 14 लाख मीट्रिक टन उर्वरक की आवश्यकता थी, साय सरकार शुरू के दो माह तक मात्र 80 हजार मीट्रिक टन ही उर्वरक दे पायी थी, आखिर तक जरूरत से आधे का भी इंतजाम नहीं कर पायी सरकार। किसान यूरिया से लेकर डीएपी और पोटाश सभी के लिए भटकते रहे, बिचौलियों के द्वारा ब्लेक मार्केट में तीन से चार गुने दाम में किसानों को यूरिया और डीएपी खरीदने को मजबूर होना पड़ा था। आगामी खरीफ सीजन में 15 लाख 55 हजार मीट्रिक टन खाद की आवश्यकता अनुमानित है, पर इस सरकार की तैयारी आधी भी नहीं है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि किसान खरीफ सीजन शुरू होने के तीन महिना पहले फरवरी में ही अपनी डिमांड सोसायटी के माध्यम से सरकार तक पहुंचा देते है। सरकार का दायित्व है कि वह किसानों के मांग के अनुरूप सोसायटियों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक पहुंचाएं ताकि किसानों को समय पर खाद उपलब्ध हो सके। सरकार उर्वरकों की उपलब्धता पर श्वेत पत्र जारी करे। कृषि मंत्री स्पष्ट करे कि अभी तक सरकार के पास कितने टन उर्वरकों की मांग का अनुमान है और सरकार ने कितने टन उर्वरक इंतजाम कर लिया है। पिछली बार की तरह झूठ बोलकर किसानों को गुमराह मत करे। मंत्री की हड़बड़ाहट बता रही है कि इस बार भी केंद्र की सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों के हक और अधिकार का उर्वरक देने से आनाकानी कर रही है और दलीय चाटुकारिता में भाजपा के नेता अभी से बहाने तलाश रहे है।



