“समर्थन मूल्य पर चना फसल की खरीदी प्रारंभ”

AP न्यूज विश्वराज ताम्रकार जिला ब्यूरो चीफ केसीजी
खैरागढ़ : किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने हेतु केंद्र शासन की प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के अंतर्गत प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) लागू की गई है। इस योजना के तहत दलहन एवं तिलहन फसलों की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जा रही है। जिले में नाफेड एजेंसी के माध्यम से अधिसूचित उपार्जन केन्द्रों में खरीदी का कार्य प्रारंभ हो चुका है।
कलेक्टर के निर्देशन में जिले के गंडई उपार्जन केन्द्र में चना खरीदी की शुरुआत की गई। जिले में अधिसूचित तीन केन्द्रों—अतरिया, मुढ़ीपार एवं गंडई—में से गंडई केन्द्र में सर्वप्रथम खरीदी संपन्न हुई।
दिनांक 27 मार्च को ग्राम चकनार निवासी किसान जगदीश जंघेल से 8 क्विंटल चना की खरीदी न्यूनतम समर्थन मूल्य 5875 रुपए प्रति क्विंटल की दर से की गई, जिसकी कुल राशि 47,000 रुपए रही। खरीदी से पूर्व चना का नमूना परीक्षण किया गया, जो निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए जाने पर नियमानुसार उपार्जन किया गया।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि खम्मन ताम्रकार, नगर पंचायत अध्यक्ष लाल तारकेश्वर शाह खुशरो, मंडल अध्यक्ष राकेश ठाकुर, समिति अध्यक्ष श्री धरमू पटेल, उप संचालक कृषि राजकुमार सोलंकी, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी चन्द्र कुमार उईके, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी मोहित बजरंग, ओमप्रकाश पटेल सहित अन्य अधिकारी एवं किसान उपस्थित रहे।
किसान जगदीश जंघेल ने अपनी उपज को समर्थन मूल्य पर विक्रय कर संतोष व्यक्त किया तथा अन्य किसानों से भी इस योजना का लाभ लेने की अपील की। अन्य कृषक भी शासन की इस पहल से उत्साहित नजर आए, क्योंकि उन्हें बाजार की तुलना में बेहतर मूल्य प्राप्त हो रहा है।
ज्ञात हो कि प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) अंतर्गत रबी फसलों के लिए समर्थन मूल्य पूर्व में निर्धारित किया जा चुका है। इसके अनुसार चना का समर्थन मूल्य 5875 रुपए प्रति क्विंटल, मसूर 7000 रुपए प्रति क्विंटल तथा अरहर 8000 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया है। साथ ही प्रति एकड़ चना 6 क्विंटल तथा अरहर एवं मसूर 3 क्विंटल की खरीदी सीमा निर्धारित है।
एकीकृत किसान पोर्टल अथवा ई-समृद्धि पोर्टल में पंजीकृत किसानों से ही खरीदी की जा रही है। पंजीयन के बाद किसान सीधे उपार्जन केन्द्रों में अपनी उपज विक्रय कर सकते हैं। समर्थन मूल्य की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में अंतरित की जाएगी।
अतः जिले के अधिक से अधिक किसान इस योजना का लाभ उठाने हेतु शीघ्र पंजीयन कराएं। विस्तृत जानकारी के लिए संबंधित कृषि विभाग, सहकारी समिति या जिला विपणन कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।



