ग्राम कुई में समस्त आदिवासी समाज द्वारा बड़े हर्षोउल्लास के साथ विश्व आदिवासी दिवस मनाया गया
कुई-कुकदुर – आज दिनांक 09/08/2024 दिन शुक्रवार को ग्राम कुई में समस्त आदिवासी समाज के द्वारा विश्व आदिवासी दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ डी जे के साथ और बाइक रैली निकालकर मनाया गया जिसमे
23 दिसंबर 1994 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एक प्रस्ताव पारित कर 9 अगस्त को अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी दिवस मनाने का निर्णय लिया था ।
इस दिन को अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी आबादी पर राष्ट्र कार्य समूह की पहली बैठक की याद में चुना गया था, जो 1982 में जिनेवा, स्विट्जरलैंड में आयोजित की गई थी।
दुनिया भर में पहला अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी दिवस 9 अगस्त 1995 को मनाया गया था।
इस आयोजित कार्यक्रम में विशेष रूप से आदिवासी वेश भूषा में छोटे बच्चों के द्वारा प्रदर्शन किया व ग्राम कुई सोनसिंग तिलगाम के द्वारा आदिवासी समाज के विशिष्ट रूप प्रथम शिक्षिका के रूप जानने वाली सावित्री बाई फुले/ज्योतिभा फूले के बारे मे उनके द्वारा किए गए कार्य व उपलब्धियो के बारे मे बताया ! और महान विभूति डाक्टर साहब भीम राव अंबेडकर, महान रानीदुर्गावती, और आदिवासी समाज मानने वाले सल्ला गांगरा , और बिरसा मुंडा , ज्योतिबा फुले गोंडवाना लैंड के बारे मे विस्तार से प्रवक्ता के रूप में उपस्थित सोनसिंग तिलगाम के द्वारा समझाया और बताया गया!
इस कार्यक्रम में गांव के समस्त आदिवासी समाज के युवा बुजुर्ग सियान माताएं छोटे बच्चे, बच्चियां उपस्थित रहे
सोनसिंग तिलगाम, राधे श्याम वाटिया, जनक धुर्वे, बलीराम मरकाम , विश्वनाथ धुर्वे, गुना सिंग मरकाम, गेंदु मरकाम, चतुर मरकाम, रामकुमार धुर्वे, मनोज, बिनोद, डिकू, सती मरकाम, सुकाल वाटिया, मनोज धुर्वे, शिवकुमार वाटिया , सीताराम, गनीराम, गणेश राज मरकाम, अनितराज मरकाम, जगेश, महेश, जानसिंह, मनोज मरकाम,
प्रताप वाटिया , इंद्र धुर्वे, हेमू मरावी, पंचराम मरकाम, ओमप्रकाश मरकाम, तीरथ धुर्वे, कैलाश धुर्वे, देवचंद धुर्वे, सियाराम परस्ते, ज्ञान परस्ते, शिवचरण परस्ते, अनिल मरकाम, घना राम धुर्वे, दीनदयाल परस्ते, बिसौहा धुर्वे, छेदू राम परस्ते, सभी आदिवासी समाज उपस्थित रहे!





