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‘मोर गांव-मोर पानी’ अभियान से बालोद में जल संरक्षण को मिली नई गति

2.85 लाख जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण, 19.23 लाख घनमीटर अतिरिक्त जल संचयन क्षमता विकसित

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जनभागीदारी से जल सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम

रायपुर, 14 जुलाई। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के तहत संचालित ‘मोर गांव-मोर पानी’ महाअभियान प्रदेश में जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप दे रहा है। अभियान के माध्यम से रोजगार सृजन के साथ जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन और हरित विकास के कार्यों को व्यापक गति मिली है।

इसी कड़ी में बालोद जिले में जिला प्रशासन ने ग्राम पंचायतों, शासकीय कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, स्व-सहायता समूहों तथा सामाजिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी से जल संरक्षण के विभिन्न कार्यों को प्रभावी रूप से आगे बढ़ाया है। अभियान का उद्देश्य “जहां वर्षा हो, जब वर्षा हो, वहीं वर्षा जल का संचयन हो” की अवधारणा को व्यवहार में उतारना है।

अभियान के तहत शासकीय भवनों में रूफटॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग, रिचार्ज शाफ्ट, डबरी, तालाब और ट्रेंच का निर्माण किया गया है। वहीं हैंडपंपों एवं प्रधानमंत्री आवासों में सोख्ता गड्ढों और वर्षा जल संचयन प्रणालियों की स्थापना को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

भू-जल स्तर बढ़ाने के लिए रिचार्ज पिट, इंजेक्शन वेल, निष्क्रिय बोरवेलों का रिचार्ज, तालाबों का गहरीकरण एवं जीर्णोद्धार, चेकडैम और वाटर एब्जॉर्बिंग ट्रेंच जैसी संरचनाओं का निर्माण एवं पुनर्जीवन किया गया है।

जिले में वीबी-जी राम जी (मनरेगा), वन विभाग, जिला खनिज न्यास (डीएमएफ), विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं तथा जनभागीदारी के माध्यम से अब तक 2.85 लाख जल संरक्षण संरचनाओं का निर्माण किया जा चुका है। इनसे 19.23 लाख घनमीटर अतिरिक्त जल संचयन क्षमता विकसित हुई है। इससे भू-जल स्तर में वृद्धि, भूमि की नमी का संरक्षण, खरीफ और रबी फसलों के लिए सिंचाई सुविधा में सुधार तथा किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

अभियान की सबसे बड़ी विशेषता जनभागीदारी रही है। जनप्रतिनिधियों, महिला स्व-सहायता समूहों, ग्राम विकास समितियों, महिला कमांडो, ग्रीन आर्मी तथा स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता से तालाबों की सफाई, जल संरक्षण के प्रति जागरूकता, वृक्षारोपण और सीड बॉल अभियान को भी गति मिली है। जुलाई माह में अब तक 3 लाख से अधिक सीड बॉल का रोपण किया जा चुका है, जबकि 2 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

राज्य शासन द्वारा वीबी-जी राम जी योजना के माध्यम से प्रदेशभर में जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, हरित विकास और ग्रामीण आजीविका संवर्धन के कार्यों को प्राथमिकता के साथ संचालित किया जा रहा है। जिला प्रशासन बालोद “जल संरक्षण–जन सहभागिता से जल समृद्धि की ओर” के संकल्प के साथ जल-सुरक्षित, हरित और समृद्ध ग्रामीण विकास के लक्ष्य की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।

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