शेयर प्रमाण पत्र ने बदली किसान रामरतन जायसवाल की पहचान

भोरमदेव शक्कर कारखाना के अंशधारी सदस्य बनने पर बोले— अब यह कारखाना सचमुच हमारा अपना है
कवर्धा, 13 जुलाई। वर्षों से भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना में गन्ना विक्रय करने वाले ग्राम सूरजपुरा के किसान रामरतन जायसवाल का अंशधारी सदस्य बनने का सपना आखिरकार साकार हो गया। शेयर प्रमाण पत्र मिलने के बाद उन्होंने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें ऐसा महसूस होता है कि यह कारखाना वास्तव में उनका अपना कारखाना है। उनका कहना है कि अंशधारी सदस्य बनने से उन्हें सम्मान के साथ-साथ कारखाना द्वारा दी जाने वाली विभिन्न सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा।
रामरतन जायसवाल कई वर्षों से गन्ने की खेती कर अपनी उपज भोरमदेव सहकारी शक्कर उत्पादक कारखाना में बेचते रहे हैं। वे लंबे समय से कारखाना के अंशधारी सदस्य बनने की इच्छा रखते थे। सरकार की पहल पर गैर-अंशधारी किसानों को भी शेयर प्रमाण पत्र देकर सदस्य बनाए जाने के निर्णय से उनकी वर्षों पुरानी यह इच्छा पूरी हो गई।
उन्होंने कहा, “शेयर प्रमाण पत्र मिलने के बाद अब यह कारखाना सचमुच हमारा अपना कारखाना लगता है। अब हम केवल गन्ना बेचने वाले किसान नहीं, बल्कि कारखाना के अंशधारी सदस्य भी हैं। इससे कारखाना के विकास में हमारी भागीदारी और जिम्मेदारी दोनों बढ़ गई हैं।”
रामरतन जायसवाल ने बताया कि अंशधारी सदस्य बनने से अब उन्हें कारखाना की ओर से मिलने वाली विभिन्न सुविधाओं का लाभ मिलेगा। साथ ही रियायती दर पर शक्कर उपलब्ध होने से परिवार को भी सीधा लाभ होगा। उनका मानना है कि यह निर्णय हजारों गन्ना उत्पादक किसानों के हित में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्षों से लंबित किसानों की मांग पूरी होने से गन्ना उत्पादकों में नया उत्साह आया है। अब किसान अधिक गन्ना उत्पादन कर भोरमदेव शक्कर कारखाना को और मजबूत बनाने के लिए प्रेरित होंगे।
