मनरेगा से बदली निम्मलगुड़ा की तस्वीर, 500 जल अवशोषण ट्रेंच से बढ़ा भू-जल स्तर

मनरेगा से बदली निम्मलगुड़ा की तस्वीर, 500 जल अवशोषण ट्रेंच से बढ़ा भू-जल स्तर
रायपुर, 3 अगस्त। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत बीजापुर जिले के ग्राम निम्मलगुड़ा में जल संरक्षण और ग्रामीण रोजगार का सफल मॉडल सामने आया है। गांव में 500 जल अवशोषण ट्रेंच का निर्माण कर वर्षा जल संरक्षण, भू-जल पुनर्भरण और स्थानीय रोजगार सृजन को बढ़ावा दिया गया है।

इस परियोजना के लिए 4 लाख 95 हजार 73 रुपये स्वीकृत किए गए थे, जिसमें से 4 लाख 70 हजार 61 रुपये खर्च कर निर्माण कार्य पूरा किया गया। निर्माण कार्य के दौरान 1,801 मानव-दिवस का रोजगार सृजित हुआ, जिससे ग्रामीण परिवारों को गांव में ही रोजगार मिला और उनकी आय में वृद्धि हुई।

जल अवशोषण ट्रेंच बनने से वर्षा का पानी अधिक मात्रा में जमीन में समाने लगा है। इससे भू-जल स्तर में सुधार, मिट्टी के कटाव में कमी और खेतों में लंबे समय तक नमी बनाए रखने में मदद मिल रही है। इसका लाभ किसानों को सिंचाई सुविधा और कृषि उत्पादकता बढ़ने के रूप में मिल रहा है।
मनरेगा के तहत किया गया यह कार्य केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित हुआ है।
ग्राम निम्मलगुड़ा का यह प्रयास मनरेगा के प्रभावी क्रियान्वयन और जनभागीदारी का प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरा है, जो ग्रामीण विकास के साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का भी सफल मॉडल प्रस्तुत करता है।


