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अब तो यह स्पष्ट है कि अफीम की खेती में भाजपा संलिप्त है – दीपक बैज

दुर्ग, बलरामपुर, लैलूंगा, नगरी में अफीम की खेती सत्ता के संरक्षण से ही संभव

रायपुर/23 मार्च 2026। प्रदेश के एक और स्थान लैलूंगा में भी अफीम की खेती पकड़ाई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बिना सरकार के संरक्षण के अफीम की खेती प्रदेश भर में इतने बड़े पैमाने पर संभव नहीं है। अब तो यह स्पष्ट है कि अफीम की खेती में सरकार संलिप्त है। दुर्ग, बलरामपुर के दो स्थानों रायगढ़ के तमनार, लैलूंगा अफीम की खेती पकड़ाई है और नगरी सिहावा में सरकार ने मामले को दबाने की कोशिश किया है। वहां पर फसल पर ट्रैक्टर चलवाया गया और कानूनी कार्यवाही नहीं की गयी है। सरकार ने किसको बचाने के लिए नगरी सिहावा में अफीम की फसल को नष्ट किया और दोषी पर एफआईआर दर्ज क्यों नहीं करवाया? इसका सीधा मतलब है कि अफीम की खेती सत्ता में बैठे हुए लोगों के संरक्षण में ही हो रही थी।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि अभी तक प्रदेश के अलग-अलग कोनो में अफीम की खेती पकड़ाई है। अफीम की खेती का खुलासा जनता ने किया है। जनता ने पुलिस से शिकायत किया, पुलिस और राजस्व अमला क्या कर रहा था? अफीम की लहलहाती खेती 15 दिन, 1 महीने में तो तैयार नहीं हुई है, धान की फसल के दौरान जब पटवारी और राजस्व अमला गिरदावरी रिपोर्ट तैयार कर रहे थे तो उन्हें कैसे पता नहीं चला कि खेतों में अफीम लगा हुआ है? अफीम की खेती के गिरदावरी में अन्य फसल तथा सब्जी कैसे लिखा गया?

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि राज्य में अफीम की खेती की निष्पक्ष जांच होनी चाहिये। बिना सरकार के संरक्षण के पूरे प्रदेश में नशे का इतना बड़ा कारोबार संभव नहीं है। भाजपा ने विनायक ताम्रकार को केवल निलंबित किया है, निष्कासित नहीं। उसे कौन बचा रहा है? विनायक ताम्रकार को पुलिस ने मुख्य अभियुक्त क्यों नहीं बनाया, सरकार उसे क्यों बचा रही है? दुर्ग जिले के समोदा में जिस भूमि पर भाजपा नेता अफीम की खेती कर रहा था, कृषि और राजस्व विभाग के सरकारी अफसर उस भूमि पर मक्का का खेती होना बताते रहे, प्रोत्साहन राशि भी दिया गया। भाजपा की सरकार ने डिजिटल गिरदावरी रिपोर्ट में उस जमीन पर मक्का, गेहूं और अन्य अनाज की खेती बताया है। बेहद स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ में अफीम की अवैध खेती भाजपा सरकार के संरक्षण में भी हो रहा है। बलरामपुर, तमनार, लैलूंगा, नगरी में अफीम की खेती करने वाले को भाजपा के किस नेता का संरक्षण था, जनता जानना चाहती है? जिन जमीनों पर अफीम की खेती हो रही थी, गिरदावरी में वहाँ अन्य फसल लगा होना बताया है, मतलब सरकारी अमले को पता था वहाँ अफीम की खेती हो रही थी, इसका मतलब साफ है कि सत्ता के संरक्षण में ही यह सब कुछ हो रहा है।

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