जिला जेल में बंदियों ने ली नशामुक्त जीवन की शपथ


नशा मुक्त भारत अभियान के समापन पर जागरूकता कार्यक्रम, गीत-संगीत के माध्यम से दिया नशामुक्ति का संदेश
रायपुर, 26 जून। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार तथा छत्तीसगढ़ शासन के समाज कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में संचालित नशा मुक्त भारत अभियान के तहत रायगढ़ जिले में नशामुक्त भारत सप्ताह और नशीले पदार्थों की अवैध तस्करी विरोधी सप्ताह के समापन पर जिला जेल में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में बंदियों को नशे से दूर रहकर स्वस्थ और सकारात्मक जीवन अपनाने की शपथ दिलाई गई। उन्हें नशीले पदार्थों के दुष्प्रभाव, परिवार और समाज पर पड़ने वाले उनके असर तथा स्वस्थ जीवनशैली के महत्व की जानकारी दी गई।
इस अवसर पर गीत-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भी नशामुक्ति का संदेश दिया गया, जिसे बंदियों ने सराहा।
उपसंचालक समाज कल्याण रायगढ़ ने कहा कि नशा व्यक्ति की क्षमता, परिवार की खुशहाली और समाज की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा है। युवाओं को नशे से दूर रखने और समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने बताया कि अभियान का उद्देश्य लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना, उन्हें उपचार एवं पुनर्वास सेवाओं से जोड़ना तथा जनसहभागिता के माध्यम से नशामुक्त समाज का निर्माण करना है।
कार्यक्रम में जिला जेल अधीक्षक जी.एस. सोनी, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, नशा मुक्ति केंद्र के प्रबंधक सुमंत आचार्य, रंजना यादव, डे-केयर सेंटर सियान गुड़ी के संगीत प्रशिक्षक कुबेर चरण चौहान, जेल प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में बंदियों ने भाग लिया।



