नवप्रवेशी छात्र,छात्राओं का हुआ दीक्षारंभ कार्यक्रम




खैरागढ़ 5 अगस्त 2024// इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ में दिनांक 05 अगस्त 2024 को नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं का दीक्षारंभ कार्यक्रम संपन्न हुआ। नवप्रवेशित विद्यार्थियों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत संगीत संकाय के विद्यार्थियों द्वारा विश्वविद्यालय कुलगीत एवं राजगीत से प्रारंभ किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि सत्यनारायण राठौर (आई.ए.एस) दुर्ग संभागायुक्त एवं कुलपति इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय तथा मुख्य वक्ता विशिष्ट अतिथि प्रो. मनीष श्रीवास्तव, गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर उपस्थित हुए। प्रो. श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को समय प्रबंधन एवं ज्ञानर्जन के लिये विशेष लक्ष्य रखने के लिये मार्गदर्शन देने के साथ साथ कला के प्रति समर्पित एवं सीखने के लिये हमेशा तत्पर रहने के लिये प्रोत्साहित किया,उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उद्देश्य एवं कार्यान्वयन के संबंध में जानकारी दी।मुख्य अतिथि श्री सत्यनारायण राठौर (आई.ए.एस) दुर्ग संभागायुक्त एवं कुलपति इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय अपने उद्बोधन में कला जगत में ऊंचे लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित करते हुए विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा को ऊंचा उठाने की बात कही। विश्वविद्यालय में छात्रों के लिये छात्रावास की समुचित व्यवस्था तथा पुस्तकालय में अध्ययन हेतु समय-सीमा प्रातः 10 बजे से रात्रि 10 बजे तक वृद्धि होने की जानकारी दी। इससे विद्यार्थी, शोधार्थी, शिक्षक सभी लाभान्वित होंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन छात्र सुविधा व अकादमिक गतिविधियों में प्रतिबद्धता से कार्य करेंगे।इसके साथ ही विश्वविद्यालय के लिये प्रेरणादायक उदाहरण भी दिये।
विश्वविद्यालय का परिचय अंग्रेजी विभाग के शिक्षक द्वारा पावर प्वाईंट प्रजेंटेशन के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। जिसमें विश्वविद्यालय की स्थापना ऐतिहासिक पृष्ठभूमि व्यायाम शाला, स्वास्थ्य सुविधा, लाईब्रेरी व छात्रावास की सुविधा एवं दीक्षांत समारोह, खैरागढ़ महोत्सव, श्रुति मण्डल व अन्य प्रमुख समारोह के संदर्भ में जानकारी दी गई। अधिष्ठाता कला संकाय द्वारा विद्यार्थियों को निरंतर पथ पर चलने के लिये अग्रसर होने का संदेश दिया गया। कुलसचिव द्वारा विद्यार्थियों के सुविधाओं को बेहतर बनाने में पूर्ण रूप से प्रशासनिक दायित्वों को निर्वहन करने का संदेश दिया।उक्त कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के समस्त अधिष्ठातागण, शिक्षकगण, अधिकारी, शोधार्थी, विद्यार्थी एवं नवागुन्तक विद्यार्थी एवं उनके अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अधिष्ठाता छात्रकल्याण द्वारा किया गया। समारोह का समापन राष्ट्रगान से किया गया।