गढ़फुलझर में 50-50 लाख के विकास कार्यों की सौगात, सर्वमंगल भवन का लोकार्पण

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंदिर परिसर में डोम निर्माण की घोषणा की, सुशासन और जनकल्याणकारी योजनाओं को हर वर्ग तक पहुंचाने पर दिया जोर

महासमुंद। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ शासन की योजनाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अनुरूप जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारने और प्रदेश के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री शनिवार को महासमुंद जिले के बसना विकासखंड अंतर्गत ग्राम गढ़फुलझर में बाबा बिशासहे कुल कोलता समाज के वार्षिक स्नेह सम्मेलन एवं बंधु मिलन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 50 लाख रुपये की लागत से निर्मित सर्वमंगल भवन का लोकार्पण किया। साथ ही समाज की मांग पर मंदिर परिसर में 50 लाख रुपये की लागत से भव्य डोम निर्माण कराने की घोषणा की।
गढ़फुलझर में विकास कार्यों को मिल रही गति
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2024 में गढ़फुलझर के विकास के लिए किए गए वादे अब धरातल पर साकार हो रहे हैं। सर्वमंगल भवन के निर्माण से सामाजिक और सामुदायिक आयोजनों के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अलावा 48 लाख रुपये की लागत से मानसरोवर तालाब का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है। क्षेत्र में लगभग पौने दो किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण भी प्रगति पर है, जिस पर करीब 3.50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इन कार्यों से क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा और सामाजिक, धार्मिक तथा सांस्कृतिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। आने वाले समय में क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों को और गति दी जाएगी।
शिक्षा, कृषि और सामाजिक क्षेत्र में कोलता समाज का योगदान
मुख्यमंत्री साय ने कोलता समाज की सराहना करते हुए कहा कि यह मेहनतकश, शिक्षित और सामाजिक मूल्यों के प्रति समर्पित समाज है। कृषि, शिक्षा, सेवा और सामाजिक क्षेत्र में समाज के लोगों ने विशिष्ट पहचान बनाई है। सामाजिक एकता और आपसी सहयोग को मजबूत करने में भी इस समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
उन्होंने कहा कि समाज की प्रगतिशील सोच और सामाजिक चेतना दूसरे समुदायों के लिए प्रेरणादायी है। ऐसे सम्मेलन आपसी भाईचारे को मजबूत करने और सामाजिक एकजुटता बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
मोदी की गारंटी के संकल्पों को पूरा कर रही सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए काम कर रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत जरूरतमंद परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1,600 आवासों का निर्माण हो रहा है। विशेष पिछड़ी जनजातियों के परिवारों को भी प्राथमिकता के आधार पर आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने महतारी वंदन योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। किसानों, तेंदूपत्ता संग्राहकों, श्रमिकों और युवाओं के कल्याण के लिए भी विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। सरकार का उद्देश्य प्रत्येक परिवार के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना और विकास का लाभ बिना भेदभाव जरूरतमंदों तक पहुंचाना है।
तकनीक से सुशासन और पारदर्शिता को मजबूती
मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 शुरू की गई है। शिकायतों के निराकरण के लिए समय-सीमा निर्धारित करने के साथ संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की गई है।
उन्होंने बताया कि सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से 36 विभागों की लगभग 700 शासकीय सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों के जरिए विभिन्न सेवाओं और वित्तीय लेन-देन को सरल बनाया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि नागरिकों को छोटी-छोटी सेवाओं के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
पर्यटन और सिंचाई परियोजनाओं से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध प्रदेश है। पर्यटन स्थलों पर सुविधाओं का विस्तार करने के साथ होमस्टे जैसी व्यवस्थाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिल सकें।
उन्होंने सिरपुर बैराज और सिकासेर-कोडार लिंक परियोजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किसानों की समृद्धि और कृषि उत्पादन बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
धर्मेंद्र प्रधान ने धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं को सराहा
पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं संबलपुर सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि गढ़फुलझर आना उनके लिए सौभाग्य की बात है। मां रामचंडी मंदिर की धार्मिक महत्ता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र आस्था, आध्यात्मिकता और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां गुरुद्वारे के निर्माण और लक्ष्मी-नारायण मंदिर के विकास से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की सरकार किसानों के हितों को प्राथमिकता दे रही हैं। छत्तीसगढ़ के किसान धान उत्पादन और देश की खाद्य सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। सर्वमंगल भवन का लोकार्पण सामाजिक एकता और भाईचारे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
सिरपुर की विरासत और क्षेत्रीय विकास पर जोर
महासमुंद सांसद रूपकुमारी चौधरी ने गढ़फुलझर को श्रद्धा और आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र बताते हुए इसके समग्र विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सिरपुर के यूनेस्को की विश्व धरोहर की संभावित सूची में शामिल होने पर प्रदेशवासियों को बधाई दी। साथ ही मां रामचंडी मंदिर में सीढ़ियों के लिए शेड निर्माण हेतु सांसद निधि से राशि उपलब्ध कराने की घोषणा की।
बसना विधायक डॉ. संपत अग्रवाल ने कहा कि वार्षिक स्नेह सम्मेलन एवं बंधु मिलन सामाजिक समरसता और भाईचारे को मजबूत करने वाला आयोजन है। उन्होंने अंचल के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्धता जताई।
कार्यक्रम में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री तथा महासमुंद जिले के प्रभारी मंत्री दयाल दास बघेल, रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा, कोलता समाज के अध्यक्ष भुवनेश्वर सदावर्ती सहित जनप्रतिनिधि, समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।



