तीर्थयात्रा से लौटे 981 बुजुर्गों का सम्मान, ओपी चौधरी ने भेंट की रामचरित मानस और व्यास वेदी

एक साल में छह चरणों में कराई अयोध्या की यात्रा, बोले वित्त मंत्री- प्रभु श्रीराम का जीवन संघर्ष, त्याग और मर्यादा की सीख देता है; प्रदेश में एक लाख मानस पुस्तिकाएं बांटने का संकल्प

रायगढ़। अयोध्या में प्रभु श्रीराम के दर्शन का सपना पूरा कर लौटे रायगढ़ जिले के 981 वरिष्ठ नागरिकों का शुक्रवार को सम्मान किया गया। पंजरी प्लांट स्थित संत पूज्य श्री प्रियदर्शी राम ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक ओपी चौधरी ने बुजुर्गों को श्रीरामचरित मानस की पुस्तिका, व्यास वेदी और शॉल भेंटकर सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में ग्रामीण क्षेत्र के 861 और शहरी क्षेत्र के 120 वरिष्ठ नागरिक शामिल रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन केवल आस्था का विषय नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए आदर्श है। उनके जीवन से संघर्ष, त्याग, सेवा, मर्यादा और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा मिलती है। राजपरिवार में जन्म लेने के बावजूद भगवान श्रीराम ने 14 वर्ष का वनवास स्वीकार किया। उनका जीवन सिखाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्यों और सिद्धांतों से पीछे नहीं हटना चाहिए।
छत्तीसगढ़ से है भगवान श्रीराम का गहरा नाता
चौधरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ माता कौशल्या की जन्मभूमि और भगवान श्रीराम का ननिहाल है। इसी कारण प्रदेश में भगवान श्रीराम को भांचा राम के रूप में विशेष स्नेह और सम्मान दिया जाता है। भांचा के चरण स्पर्श करने की परंपरा हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि श्रीराम के आदर्शों को अपनाकर समाज में सद्भाव, सेवा और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत किया जा सकता है।
एक लाख मानस पुस्तिकाएं बांटने का संकल्प
वित्त मंत्री ने बताया कि अयोध्या धाम में प्रभु श्रीराम के दर्शन के दौरान उन्होंने छत्तीसगढ़ में एक लाख श्रीरामचरित मानस पुस्तिकाएं और व्यास वेदी वितरित करने का संकल्प लिया था। इसी दिशा में लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उनका कहना था कि मानस केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, जीवन मूल्यों और आदर्शों का महत्वपूर्ण आधार है। इसके माध्यम से नई पीढ़ी को भी भगवान श्रीराम के आदर्शों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
सरकार की योजनाओं से बुजुर्गों का सपना हुआ पूरा
चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना को फिर से शुरू किया है। वहीं सरकार के पहले बजट में श्री रामलला दर्शन योजना प्रारंभ की गई, ताकि प्रदेश के श्रद्धालु अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन कर सकें। इन योजनाओं के जरिए बुजुर्गों की वर्षों पुरानी धार्मिक इच्छाएं पूरी हो रही हैं।
लोकसभा सांसद राधेश्याम राठिया ने कहा कि कई वरिष्ठ नागरिकों का अयोध्या जाने का सपना वर्षों से अधूरा था। राज्य सरकार की योजनाओं ने उनके सपनों को साकार किया है। राज्यसभा सांसद देवेंद्र प्रताप सिंह ने धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को जरूरी बताते हुए वित्त मंत्री के एक लाख मानस पुस्तिकाएं वितरित करने के संकल्प की सराहना की। जिला पंचायत अध्यक्ष शिखा रवींद्र गबेल ने भी सरकार के प्रति आभार जताया।
छह चरणों में कराई गई अयोध्या यात्रा
अक्टूबर 2025 से अक्टूबर 2026 के बीच श्री रामलला दर्शन योजना के तहत रायगढ़ जिले के वरिष्ठ नागरिकों को छह चरणों में अयोध्या धाम की यात्रा कराई गई। इसके अलावा मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत भी एक यात्रा आयोजित की गई। इन यात्राओं से लाभान्वित कुल 981 वरिष्ठ नागरिकों को सम्मानित किया गया।
सम्मान समारोह में बुजुर्गों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि जीवन में अयोध्या जाकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर पाएंगे। कई परिवारों की पिछली पीढ़ियां भी अयोध्या नहीं जा सकी थीं। सरकार की योजना से उनकी वर्षों पुरानी इच्छा पूरी हुई। उन्होंने यात्रा के दौरान आवागमन और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था पर भी संतोष जताया।
कार्यक्रम की शुरुआत सुंदरकांड पाठ और सामूहिक हनुमान चालीसा से हुई। वित्त मंत्री ने भगवान श्रीराम के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पूजा-अर्चना की और रामायण आरती में शामिल हुए। इस दौरान सुंदरकांड पाठ करने वाले दल तथा जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे एवं उनकी टीम को भी सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर महापौर जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष शिखा रवींद्र गबेल, नगर निगम सभापति डिग्री लाल साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष दीपक सिदार सहित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में वरिष्ठ नागरिक मौजूद रहे।
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