राज्योत्सव में स्कूल शिक्षा विभाग की स्टॉल पर दिखेगी आधुनिक शिक्षा और नवाचार की झलक

समावेशी शिक्षा, डिजिटल लर्निंग, स्मार्ट क्लास और कौशल विकास पर रहेगा विशेष फोकस; STEM, अटल टिंकरिंग लैब और SCERT की उपलब्धियों का होगा प्रदर्शन
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 में स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से लगाई जा रही विभागीय स्टॉल प्रदेश की बदलती शिक्षा व्यवस्था और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों का आकर्षक केंद्र बनेगी। इस स्टॉल में शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों, डिजिटल तकनीकों, कौशल विकास और शैक्षणिक उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके माध्यम से आम नागरिकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों को प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण एवं तकनीक आधारित शिक्षा के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी मिलेगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व तथा स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव के मार्गदर्शन में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और रोजगारोन्मुखी बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों को राज्योत्सव में प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा।
विभागीय स्टॉल में समावेशी शिक्षा एवं संस्कृति, कौशल विकास, STEM शिक्षा, अटल टिंकरिंग लैब (ATL), कंपोजिट लैब, नवाचार, राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) की उपलब्धियां, मुस्कान पुस्तकालय, डिजिटल लाइब्रेरी, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, स्मार्ट शिक्षण, NCC, स्काउट-गाइड, रेड क्रॉस और डिजिटल लर्निंग जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है।
वैज्ञानिक सोच और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा
स्टॉल में STEM शिक्षा, अटल टिंकरिंग लैब और कंपोजिट लैब के माध्यम से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रचनात्मकता, तकनीकी समझ और नवाचार की भावना विकसित करने के प्रयासों को प्रदर्शित किया जाएगा। वहीं डिजिटल लाइब्रेरी और स्मार्ट क्लास के जरिए शिक्षण प्रक्रिया को अधिक रोचक, प्रभावी और आधुनिक बनाने की पहल भी आकर्षण का केंद्र रहेगी।
SCERT की उपलब्धियों और नई शिक्षा नीति पर विशेष जोर
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) की उपलब्धियों, शिक्षक प्रशिक्षण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी स्टॉल में स्थान दिया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, व्यावहारिक ज्ञान, कौशल आधारित शिक्षा और नवाचार को प्रोत्साहित करने की अवधारणा को विशेष रूप से रेखांकित किया जाएगा।
अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश
एनसीसी, स्काउट-गाइड और रेड क्रॉस जैसी गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, सेवा भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व विकसित करने के प्रयासों को भी प्रदर्शित किया जाएगा। समावेशी शिक्षा के माध्यम से प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने की दिशा में किए जा रहे कार्यों की जानकारी भी दी जाएगी।
राज्योत्सव में स्कूल शिक्षा विभाग की यह स्टॉल प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में हो रहे सकारात्मक बदलावों, आधुनिक तकनीकों के उपयोग और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को सामने लाएगी। यह स्टॉल शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों और भविष्य की शैक्षणिक संभावनाओं को समझने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगी।



