उजड़ी वन भूमि बनी हरियाली की मिसाल: ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से बदली तस्वीर

अतिक्रमण मुक्त वन भूमि पर हुआ वृहत पौधरोपण, जनभागीदारी से पर्यावरण संरक्षण को मिली नई दिशा
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में चल रहा ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान छत्तीसगढ़ में पर्यावरण संरक्षण का जनआंदोलन बनता जा रहा है। इस अभियान के तहत अतिक्रमण मुक्त कराई गई वन भूमि पर बड़े पैमाने पर पौधरोपण कर उजड़ी भूमि को फिर से हरियाली में बदलने की पहल की गई है। यह प्रयास न केवल वन क्षेत्र के विस्तार में सहायक होगा, बल्कि लोगों को प्रकृति संरक्षण के प्रति भी जागरूक कर रहा है।

जगदलपुर के परियोजना क्षेत्र फरसगांव अंतर्गत बड़े डोंगर पंचायत से लगे वन क्षेत्र में आयोजित वृहत पौधरोपण कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों और स्थानीय ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने अपनी माँ के नाम एक पौधा लगाने और उसकी नियमित देखभाल करने का संकल्प लिया।
मातृ सम्मान के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश
अभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि इसे पर्यावरण संरक्षण के साथ मातृ सम्मान की भावना से जोड़ा गया। लोगों से अपील की गई कि वे अपनी माँ के नाम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करें, ताकि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और हरित वातावरण मिल सके।
बढ़ेगा हरित आवरण, मिलेगा पर्यावरणीय लाभ
वन विभाग के अनुसार अतिक्रमण मुक्त भूमि पर किए गए इस पौधरोपण से क्षेत्र में पुनर्वनीकरण को बढ़ावा मिलेगा। इससे हरित आवरण बढ़ेगा, जैव विविधता का संरक्षण होगा, भूजल स्तर और जल संरक्षण में सुधार आएगा तथा पर्यावरण संतुलन को मजबूती मिलेगी। साथ ही स्थानीय लोगों को स्वच्छ वातावरण और प्राकृतिक संसाधनों का दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।
जन आंदोलन का रूप ले रहा अभियान
‘एक पेड़ माँ के नाम‘ अभियान अब केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह लोगों को प्रकृति से जोड़ने और पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी का एहसास कराने वाला जन आंदोलन बनता जा रहा है। सरकार का मानना है कि जनभागीदारी से चलाया जा रहा यह अभियान आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित, सुरक्षित और पर्यावरण संतुलित भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


