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25 साल बाद कुचनूर में फिर शुरू हुआ कोरंडम खनन, ‘बस्तर ब्रांड’ से मिलेगी नई पहचान

कटिंग-पॉलिशिंग से लेकर आभूषण निर्माण तक विकसित होगी पूरी वैल्यू चेन, 14 स्थानीय युवाओं को मिला रोजगार

रायपुर। बीजापुर जिले के कुचनूर में करीब 25 साल बाद दोबारा शुरू हुए कोरंडम खनन को अब नई पहचान देने की तैयारी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (सीएमडीसी) और पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के बीच एमओयू हुआ। विश्वविद्यालय को नॉलेज पार्टनर बनाया गया है। इसके जरिए स्थानीय युवाओं और शिल्पकारों को कोरंडम की पहचान, कटिंग और पॉलिशिंग की आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

कुचनूर में फरवरी 2025 से वैज्ञानिक तरीके से उच्च गुणवत्ता वाले कोरंडम का उत्खनन किया जा रहा है। वर्तमान में करीब 240 किलो कोरंडम का भंडारण है, जबकि 157.643 किलो का परिवहन किया जा चुका है। इसमें 107.989 किलो बी-ग्रेड और 49.654 किलो औद्योगिक ग्रेड कोरंडम शामिल है।

खनन से लेकर बाजार तक पूरी वैल्यू चेन

सरकार की योजना कोरंडम को केवल खनन तक सीमित रखने के बजाय इसकी कटिंग, पॉलिशिंग, आभूषण निर्माण, ब्रांडिंग और मार्केटिंग तक पूरी वैल्यू चेन विकसित करने की है। इसके लिए स्थानीय युवाओं, शिल्पकारों, स्वयं सहायता समूहों और उद्यमियों को जोड़ा जाएगा। कुचनूर खदान से अब तक 14 स्थानीय युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिले हैं।

‘बस्तर ब्रांड’ से देश-विदेश में पहचान

कुचनूर के उच्च गुणवत्ता वाले कोरंडम से तैयार रत्न और आभूषणों को ‘बस्तर ब्रांड’ के तहत बाजार में उतारने की योजना है। स्थानीय डिजाइन, गुणवत्ता और प्रमाणिकता को प्राथमिकता देकर उत्पाद तैयार किए जाएंगे। इससे बस्तर की कला, शिल्प और खनिज संपदा को एक साथ बाजार से जोड़ने का प्रयास होगा।

नए क्षेत्रों में भी हो रहा अन्वेषण

बीजापुर जिले में कोरंडम के नए संभावित क्षेत्रों की पहचान और अन्वेषण का काम जारी है। कुचनूर के अलावा अन्य संभावित इलाकों में खनन विस्तार की संभावनाएं तलाश की जा रही हैं। धनगोल सहित विभिन्न क्षेत्रों को आरक्षित कर आवेदन प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है।

सरकार का लक्ष्य ‘खनन से मूल्य संवर्धन, मूल्य संवर्धन से रोजगार और रोजगार से आर्थिक सशक्तिकरण’ की अवधारणा को जमीन पर उतारना है। इससे बस्तर की खनिज संपदा को स्थानीय समृद्धि और आत्मनिर्भरता का आधार बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है।

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