G-QKE15KJ9P0 25777229988609873
ChhattisgarhINDIARaipurखास-खबर

आयुष्मान आरोग्य मंदिर चनाडोंगरी को मिला राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन

आयुष्मान आरोग्य मंदिर चनाडोंगरी को मिला राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन

रायपुर, 3 अगस्त। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के प्रयासों के बीच गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के विकासखंड गौरेला स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर चनाडोंगरी ने राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) के तहत 88.57 प्रतिशत अंक प्राप्त कर राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन हासिल किया है।

राष्ट्रीय स्तर की मूल्यांकन टीम ने स्वास्थ्य संस्थान का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, मरीजों की संतुष्टि, स्वच्छता, रिकॉर्ड संधारण, दवाओं की उपलब्धता, मानव संसाधन प्रबंधन, अधोसंरचना, जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट प्रबंधन और सामुदायिक सहभागिता सहित विभिन्न मानकों का मूल्यांकन किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर संस्थान को राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन प्रदान किया गया।

आयुष्मान आरोग्य मंदिर चनाडोंगरी में ग्रामीणों को नियमित रूप से बाह्य रोगी सेवाएं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण, परिवार नियोजन, गैर-संचारी रोगों की जांच, मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं, टेलीमेडिसिन, स्वास्थ्य परामर्श, निःशुल्क दवा वितरण और आवश्यक जांच जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे आसपास के ग्रामीणों को बेहतर इलाज के लिए दूरस्थ अस्पतालों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में अब तक चनाडोंगरी सहित 14 स्वास्थ्य संस्थान राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक (एनक्यूएएस) के तहत प्रमाणित हो चुके हैं। शेष संस्थानों को भी राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन दिलाने के लिए आवश्यक सुधार और तैयारियां जारी हैं।

राज्य सरकार का कहना है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में आधुनिक स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास, प्राथमिक स्वास्थ्य संस्थानों को सशक्त बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन प्राप्त करने वाले संस्थानों की बढ़ती संख्या इस दिशा में हो रही प्रगति का प्रमाण है।

आयुष्मान आरोग्य मंदिर चनाडोंगरी की यह उपलब्धि न केवल गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय मानी जा रही है। यह स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता, पारदर्शिता, जवाबदेही और जनविश्वास को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page