पत्नी की हत्या कर खुद ही पहुंचा थाने, पुलिस को गुमराह करने की कोशिश; पूछताछ में खुला राज

चरित्र शंका में ईंट और सीएफएल बल्ब से किया हमला, लोहारा पुलिस व साइबर सेल ने 15 दिन में सुलझाया अंधा कत्ल
कवर्धा। कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा थाना क्षेत्र में हुए महिला हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए मृतका के पति को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पहले खुद थाने पहुंचकर पत्नी के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई और पुलिस को गुमराह करने का प्रयास किया, लेकिन जांच के दौरान उसके बयानों में विरोधाभास मिलने पर सख्ती से पूछताछ की गई, जिसमें उसने पत्नी की हत्या करना स्वीकार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, 16 जुलाई 2026 को ग्राम सिंगारपुर निवासी द्रोणाचार्य वर्मा ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी पत्नी किरण वर्मा खेत में काम करने गई थी और वापस नहीं लौटी। शाम करीब 6 बजे महिला का शव ईश्वर वर्मा के खेत स्थित ट्यूबवेल के पीछे गंभीर हालत में मिला। उसके सिर, चेहरे और शरीर पर गंभीर चोटों के निशान थे तथा घटनास्थल से ईंट और खून के धब्बे मिले थे।
मामले में थाना लोहारा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। फोरेंसिक टीम की सहायता ली गई और साइबर सेल के साथ संयुक्त जांच की गई। जांच के दौरान मृतका के पति के बयान संदिग्ध पाए गए। पूछताछ में उसने बताया कि उसे पत्नी के चरित्र पर संदेह था और इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।
घटना वाले दिन भी विवाद बढ़ने पर आरोपी ने पहले ईंट से पत्नी के सिर पर वार किया। इसके बाद उसे घसीटकर ट्यूबवेल पंप हाउस के पीछे ले गया, जहां ईंट और टूटे हुए सीएफएल बल्ब के कांच से लगातार हमला कर उसकी हत्या कर दी।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त ईंट, सीएफएल बल्ब के टूटे टुकड़े, मृतका के रक्तरंजित कपड़े तथा आरोपी की खून से सनी शर्ट बरामद कर ली है। आरोपी द्रोणाचार्य वर्मा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित पटेल एवं हेमसागर सिदार के मार्गदर्शन, एसडीओपी संजय ध्रुव के दिशा-निर्देशन तथा थाना प्रभारी निरीक्षक मनीष मिश्रा के नेतृत्व में थाना लोहारा पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने की। मामले के खुलासे में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक उमाशंकर राठौर सहित पुलिस टीम के अधिकारियों और कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

