हॉस्पिटालिटी एवं होटल मैनेजमेंट में प्रशिक्षण हेतु अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थियों से आवेदन पत्र 10 अगस्त तक आमंत्रित।

हॉस्पिटालिटी एवं होटल मैनेजमेंट में प्रशिक्षण हेतु अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के अभ्यर्थियों से आवेदन पत्र 10 अगस्त तक आमंत्रित।

अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के युवाओं के लिए हॉस्पीटालिटी एवं होटल मैनेजमेंट में रोजगार की बेहतर संभावनाएं
कवर्धा, 28 जुलाई 2021। प्रदेश में अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के युवाओं के लिए हॉस्पीटालिटी एवं होटल मैनेजमेंट में रोजगार की बेहतर संभावनाएं हैं। हॉस्पीटालिटी एवं होटल मैनेजमेंट पाठ्यक्रम या डिप्लोमा का कोर्स करके युवा प्रतिष्ठित संस्थानों में रोजगार प्राप्त कर सकते है।
आदिवासी विकास विभाग द्वारा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के युवाओं को हॉस्पिटालिटी एवं होटल मैनेजमेंट में प्रशिक्षण प्रदान करने के लिये 10 अगस्त शाम 5 बजे तक आवेदन पत्र आमंत्रित किया गया है। इस दौरान अभ्यर्थियों को भोजन एवं आवास की निःशुल्क सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी। उक्त प्रशिक्षण सम्बन्धी आवेदन पत्र, नियम एवं शर्तों की जानकारी आदिवासी विकास विभाग की वेबसाइट डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू. ट्रायबल. सीजी. जीओव्ही. इन एवं कार्यालीन सूचना पटल पर कर देखी जा सकती है।
आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने बताया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास विभाग द्वारा प्रदेश में अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के युवाओं के लिए हॉस्पीटालिटी एवं होटल मैनेजमेंट का प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण एक वर्ष का होता है, जिसमें 9 माह कक्षाएं और 3 माह किसी स्थानीय या ऑउटसोर्स करके प्रतिष्ठित कम्पनी या संस्थान में ऑनजॉब प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण में फ्रण्ट ऑफिस, किचन, फूड एण्ड बेवरेजेस सर्विसेज, हाऊस किपिंग, क्लास रूम, लायब्रेरी, फिटनेस, ग्रुमिंग और इंग्लिश स्पीकिंग आदि की कक्षाएं संचालित की जाती हैं।
हॉस्पीटालिटी एवं होटल मैनेजमेंट में कैरियर बनाने की आंकाक्षा रखने वाले अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के 18 से 25 वर्ष के मध्य आयु वर्ग के युवा अनुसूचित जाति एवं जनजाति विकास विभाग द्वारा संचालित योजना के तहत प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते है। क्लास रूम और ऑनजॉब प्रशिक्षण के बाद प्रतिष्ठित संस्थान अथवा स्वयं का रोजगार कर सकते है।
प्रशिक्षण के लिए चयनित किए गए सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण का व्यय शासन द्वारा वहन किया जाता है। प्रशिक्षण पूर्णकालिक होता है, प्रशिक्षण अवधि में प्रशिक्षणार्थी किसी और प्रकार का नियमित पाठ्यक्रम अथवा नौकरी व्यवसाय नहीं कर सकता। प्रशिक्षण के लिए चयन लिखित परीक्षा या काउंसिलिंग के आधार पर होता है। प्रशिक्षण के लिए प्रशिक्षणार्थी को राज्य का मूल निवासी होने के साथ उसकी जाति राज्य के अनुसूचित जाति, जनजाति के लिए घोषित सूची में शामिल होनी जरूरी है। शैक्षणिक योग्यता मान्यता प्राप्त बोर्ड से किसी भी विषय में हायर सेकेण्डरी परीक्षा में न्यूनतम 50 प्रतिशत अथवा अधिक अंक के साथ उत्तीर्ण होना चाहिए। अंग्रेजी बोलने और लिखने की योग्यता के साथ ही हायर सेकेण्डरी स्तर में अंग्रेजी विषय में उत्तीर्ण होना जरूरी है।

